SBI RD vs Post Office RD: रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद बैंक/वित्तीय संस्थान डिपॉजिट्स की दरें बढ़ा रहे हैं। ऐसे में फिक्स्ड इनकम वाले निवेशकों के बीच रिकरिंग डिपॉजिट्स (RD) को लेकर क्रेज फिर से बढ़ रहा है। इनमें निवेश पर न सिर्फ निश्चित रिटर्न मिलता है बल्कि एकमुश्त पैसे जुटाने की चिंता भी नहीं करनी होती है और म्यूचुअल फंड एसआईपी की तरह थोड़ा-थोड़ा करके लंबे समय में बड़ी पूंजी बना सकते हैं।
आरडी कराने के लिए आप या तो बैंक जा सकते हैं या चाहें तो पोस्ट ऑफिस जाएं। दोनों में आपके लिए कौन बेहतर है, इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं। मान लेते हैं कि आपको पांच साल में 10 लाख रुपये की पूंजी तैयार करनी है तो कौन बेहतर है, इसका विवरण नीचे दिया जा रहा है।
देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई में 12 महीने से लेकर 120 दिनों की अवधि का आरडी खाता आप खोल सकते हैं। इसमें हर महीने कम से कम 100 रुपये का निवेश करना जरूरी होता है। बैंक आरडी जमा पर 5.45 फीसदी से 5.65 फीसदी की दर से ब्याज देता है लेकिन सीनियर सिटीजन को 5.95 फीसदी से 6.45 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा।
अब आप 5 साल में 10 लाख रुपये की पूंजी तैयार करना चाहते हैं और आपकी उम्र 60 वर्ष से कम है तो हर महीने हर महीने 14500 रुपये जमा करके पांच साल में आप 10.05 लाख रुपये की पूंजी बना सकते हैं। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को 0.50 फीसदी अधिक यानी 6.10 फीसदी ब्याज मिलेगा यानी कि वे हर महीने 14300 रुपये जमा करते हैं तो पांच साल की अवधि में 10.04 लाख रुपये की पूंजी तैयार हो जाएगी।
पोस्ट ऑफिस की आरडी पांच साल के लिए होती है। इसमें कम से कम 100 रुपये हर महीने का निवेश जरूरी होता है। 12 किश्त जमा करने के बाद खाते की 50 फीसदी राशि के बराबर लोन ले सकते हैं और इस पर आरडी के ब्याज दर से दो फीसदी अधिक दर से ब्याज चुकाना होगा। पोस्ट ऑफिस की आरडी पर 5.8 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है जो तिमाही जमा होता रहता है।
पोस्टऑफिस में सीनियर सिटीजंस को अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता है। इसमें अगर पांच साल तक हर महीने 14400 रुपये जमा करते हैं तो आप 10.03 लाख रुपये की पूंजी तैयार कर सकते हैं।
एसबीआई और पोस्ट ऑफिस की आरडी में किसे चुनें
दोनों में बेहतर की बात करें तो अगर आप सीनियर सिटीजन हैं तो बैंक में आरडी कराना बेहतर है और अगर 60 साल के कम के हैं तो पोस्ट ऑफिस की आरडी बेहतर है। हालांकि यहां ध्यान रहे कि दोनों ही इंफ्लेशन के हिसाब से पॉजिटिव रिटर्न नहीं दे रहे हैं। अगर इंफ्लेशन को मात देना है तो ऐसे विकल्पों में निवेश करें, जहां 8 फीसदी से अधिक ब्याज मिले जैसे कि कई स्माल फाइनेंस बैंकों में डिपॉजिट्स पर आप तगड़ा ब्याज हासिल कर सकते हैं लेकिन वहां रिस्क अधिक है।