सरकार ने इनकम टैक्स पेयर्स को 1 अक्टूबर 2022 से अटल पेंशन योजना (APY) या अटल पेंशन योजना (APS) में निवेश करने से रोक लगा दी है। इसके बाद अगर कोई ग्राहक, जो 1 अक्टूबर, 2022 को या उसके बाद शामिल होगा और वो इनकम टैक्स पेयर बन जाता है, तो उसका APY अकाउंट बंद कर दिया जाएगा और अब तक का सारा पेंशन अमाउंट सब्सक्राइबर को सौंप दी जाएगी।
हालांकि, अब सवाल यह उठता है कि क्या मौजूदा APY निवेशक योजना में किए गए निवेश पर इनकम टैक्स कटौती का क्लेम करना जारी रख सकता है।
इस मामले पर BankBazaar.com के CEO आदिल शेट्टी ने कहा कि नोटिफिकेशन में APY योजना में किए गए कंट्रीब्यूशन के लिए इनकम टैक्स इंप्लिकेशन की कोई डिटेल नहीं है।
शेट्टी ने CNBC-TV18.com को बताया, "इसलिए, जब तक इसे पहले की तरह से लागू नहीं किया जाता है, तब तक मौजूदा ग्राहग निवेश जारी रख सकते हैं और टैक्स बेनिफिट भी मिलते रहना चाहिए।"
APY ग्राहक अपनी तरफ से किए गए कंट्रीब्यूशन के लिए इनकम टैक्स अधिनियम, 1961 की धारा 80CCD(1) के तहत कटौती का क्लेम कर सकते हैं।
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80CCD (1) के तहत अधिकतम कटौती की अनुमति ग्रॉस टोटल इनकम का 10 प्रतिशत है, जो अधिकतम 1.5 लाख रुपए के डिडक्शन के अधीन है। 50,000 रुपए का एडिशन कंट्ीब्यूशन आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80CCD (1B) के तहत पात्र है।
हालाँकि, APY मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों पर केंद्रित है। टैक्सेबल ब्रेकेट के लोगों के लिए, शेट्टी ने कहा कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) एक आकर्षक विकल्प बना हुआ है।
APY के तहत, एक निवेशक को उसके कंट्रीब्यूशन के आधार पर, 60 साल की उम्र से 1,000 रुपये से 5,000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम गारंटी पेंशन मिलेगी।
सब्सक्राइबर की मृत्यु के बाद सब्सक्राइबर के पति या पत्नी को उतनी ही पेंशन दी जाएगी। सब्सक्राइबर और पति या पत्नी दोनों के निधन पर, सब्सक्राइबर की 60 साल की उम्र तक जमा की गई पेंशन राशि नामांकित व्यक्ति को वापस कर दी जाएगी।
योजना में अंशदान मासिक/तिमाही/छमाही आधार पर किया जा सकता है। व्यक्ति की मृत्यु के मामले में, पति या पत्नी को पेंशन मिलेगी, दोनों की मृत्यु होने पर, पेंशन राशि नॉमिनी को वापस कर दी जाएगी।