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ITR Filing 2026: इन 6 मामलों में रिटर्न की गहराई से जांच कर सकता है टैक्स विभाग, जानिए बचने का तरीका

ITR Filing 2026: ITR भरते समय की गई छोटी गलती भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नजर में ला सकती है। CBDT ने 6 ऐसे मामलों की पहचान की है, जहां रिटर्न की गहराई से जांच हो सकती है। जानिए किन बातों का ध्यान रखकर स्क्रूटनी का जोखिम कम किया जा सकता है।

Curated By: Suneel Kumarअपडेटेड Jun 15, 2026 पर 2:50 PM
ITR Filing 2026: इन 6 मामलों में रिटर्न की गहराई से जांच कर सकता है टैक्स विभाग, जानिए बचने का तरीका
अगर किसी टैक्सपेयर्स के यहां सेक्शन 133A के तहत सर्वे हुआ है, तो उसका रिटर्न स्क्रूटनी के लिए चुना जा सकता है।

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने के बाद ज्यादातर लोगों का रिटर्न बिना किसी दिक्कत के प्रोसेस हो जाता है। लेकिन कुछ मामलों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट रिटर्न की गहराई से जांच करता है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए ऐसे मामलों की सूची जारी की है, जिन्हें अनिवार्य स्क्रूटनी के लिए चुना जा सकता है।

क्या होती है स्क्रूटनी?

स्क्रूटनी असेसमेंट एक जांच प्रक्रिया है। इसमें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपकी इनकम, डिडक्शन, एग्जेम्प्शन, इन्वेस्टमेंट और दूसरे दावों की जांच करता है। अनिवार्य स्क्रूटनी में रिटर्न पहले से तय नियमों के आधार पर चुना जाता है। इसमें यह जरूरी नहीं है कि आपने बड़ा रिफंड मांगा हो या आपका रिस्क स्कोर ज्यादा हो। आइए जानते हैं कि किन मामलों में स्क्रूटनी हो सकती है।

1. सर्वे वाले मामले

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