ITR: इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म 1 और फॉर्म 2 से रिटर्न फाइल करने का आज आखिरी मौका है। आज के बाद रिटर्न फाइल करने पर पेनाल्टी लगेगी और टैक्स पर इंटरेस्ट भी देना पड़ेगा। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि टैक्सपेयर्स को आज रिटर्न फाइल करने की कोशिश करनी चाहिए। आज रिटर्न फाइल करने के कई फायदे हैं।
इनकम का एक सोर्स होने पर 30 मिनट में फाइल होगा रिटर्न
सैलरीड टैक्सपेयर्स जिनकी इनकम का एक सोर्स है, वे बगैर किसी दिक्कत करीब 30 मिनट में रिटर्न फाइल कर सकते हैं। टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइल करने से पहले फॉर्म 16, फॉर्म 26एएस, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) जैसे डॉक्युमेंट्स तैयार रखने होंगे। इसके अलावा बैंक अकाउंट डिटेल, इंटरेस्ट से हुई इनकम और कैपिटल गेंस का कैलकुलेशन भी तैयार रखना होगा।
सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स रिटर्न फाइल करने से पहले जुटा लें
चार्टर्ड अकाउंटेंट श्रेया गुप्ता गोयल ने कहा कि 30 मिनट में रिटर्न तभी फाइल किया जा सकता है, जब टैक्सपेयर्स ने सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स पहले से जुटा लिया हो। उन्होंने कहा, "प्री-फिल्ड डेटा की वजह से खुद डेटा डालने में लगने वाला समय बच रहा है। लेकिन, टैक्सपेयर्स के लिए डेटा को एक बार चेक कर लेना जरूरी है।"
आईटीआर फॉर्म में भरे गए हर डेटा के लिए टैक्सपेयर जिम्मेदार
रिटर्न में भरे हर डेटा के लिए टैक्सपेयर जिम्मेदार होता है। इसलिए रिटर्न फाइल करते वक्त प्री-फिल्ड डेटा को भी वेरिफाय कर लेना जरूरी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि टैक्सपेयर्स को प्री-फिल्ड डेटा फॉर्म 16, AIS और 26AS से मैच करा लेना चाहिए। सेविंग्स अकाउंट से इंटरेस्ट, फिक्स्ड डिपॉजिट से इंटरेस्ट और कैपिटल गेंस की रिपोर्टिंग अलग से होती है।
31 जुलाई के बाद रिटर्न फाइल करने पर पेनाल्टी और इंटरेस्ट चुकाना होगा
31 जुलाई के बाद रिटर्न फाइल करने पर पेनाल्टी चुकानी होगी। इसके अलावा टैक्स पर इंटरेस्ट भी देना होगा। सालाना इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा होने पर पेनाल्टी 5000 रुपये है। 5 लाख रुपये से कम सालाना इनकम पर पेनाल्टी 1000 रुपये है।
31 जुलाई तक आईटीआर फाइल करने के ये हैं फायदे
दूसरा, फायदा यह है कि आप लॉस को कैरी फॉरवर्ड कर सकेंगे। 31 जुलाई के बाद रिटर्न फाइल करने पर लॉस कैरी फॉरवर्ड की सुविधा नहीं मिलती है। तीसरा, रिफंड का पैसा भी जल्द अकाउंट में आ जाएगा। चौथा, 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल करने पर टैक्सपेयर्स के सामने इनकम टैक्स की नई और पुरानी दोनों रीजीम के इस्तेमाल का विकल्प खुला है। 31 के बाद सिर्फ इन रीजीम में रिटर्न फाइल करना होगा।