प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब में कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। यह कहते हुए कि उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कई व्याख्यान दिए गए हैं प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह सभी को याद दिलाना चाहेंगे कि कैसे कांग्रेस सरकार ने वीर सावरकर पर एक कविता पढ़ने के लिए स्वर कोकिला लता मंगेशकर के भाई को ऑल इंडिया रेडियो से बर्खास्त कर दिया था।
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि वीर सावरकर जी की कविता पढ़ने पर लता दीदी के भाई पंडित हृदय नाथ मंगेशकर जी को ऑल इंडिया रेडियो से निकाल दिया गया था। इसके अलावा नेहरू जी की आलोचना करने पर मजनू सुल्तानपुरी जी को तथा प्रोफेसर धर्मपाल जी को जेल में डाल दिया गया। वहीं, इमरजेंसी के पक्ष में नहीं बोलने के कारण मशहूर गायक किशोर कुमार को जेल में डाल दिया गया। पीएम मोदी ने कहा कि यह आपकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है।
पीएम मोदी ने कहा, “मैं उन लोगों के इतिहास का खुलासा कर रहा हूं जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बात करते हैं। लता मंगेशकर का परिवार गोवा से था। लेकिन देश को पता होना चाहिए कि कांग्रेस ने उनके परिवार के साथ कैसा व्यवहार किया। उनके छोटे भाई हृदयनाथ मंगेशकर को ऑल इंडिया रेडियो की नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। उनका दोष यह था कि उन्होंने वीर सावरकर द्वारा देशभक्ति पर एक कविता प्रस्तुत की थी।"
पीएम मोदी ने आगे कहा कि इनके अलावा मजरूह सुल्तानपुरी और प्रोफेसर धर्मपाल दोनों को नेहरू की आलोचना करने के लिए जेल में डाल दिया गया था। वहीं, आपातकाल के दौरान किशोर कुमार इंदिरा गांधी के सामने नहीं झुके और उन्हें रेडियो पर गाने से प्रतिबंधित कर दिया गया। हम जानते हैं कि जब लोग एक परिवार से सहमत नहीं होते हैं तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश कैसे लगाया जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सीताराम केसरी के साथ क्या हुआ सब जानते हैं।
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी एक तरह से अर्बन नक्सलियों के नियंत्रण में आ गई है तथा लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा परिवारवादी पार्टियों से है। उन्होंने विपक्षी पार्टी को सुझाव दिया कि वह अपना नाम ‘‘इंडियन नेशनल कांग्रेस’’ से बदलकर ‘‘फेडरेशन ऑफ कांग्रेस’’ कर ले।
बता दें कि प्रसिद्ध गायिका लता मंगेशकर का 6 फरवरी को 92 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में कोविड-19 के बाद निधन हो गया। उनके परिवार, पीएम मोदी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और मुंबई के हजारों लोगों की उपस्थिति में पूरे राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया गया।