Money Saving Tips: हम अक्सर पैसा बचाने के लिए सोचते हैं, लेकिन ऐसा कर नहीं पाते। शॉपिंग के लिए क्रेडिट कार्ड निकाला और स्वाइप करा दिया। महीने के आखिर में रोते हैं कि.. इतना बिल कैसे आया। फिट रहने के लिए हजारों रुपए जिम पर खर्च कर देते हैं। अगर हम पैसा बचाने के लिए इन छोटे और स्मार्ट टिप्स का इस्तेमाल करें तो पैसा बचा सकते हैं। साल के अंत में बड़ी सेविंग कर सकते हैं। यहां आपको ऐसे ही सिंपल 5 टिप्स यानी ऐसी आदतें बता रहा है जिससे आप अपना पैसा बचा सकते हैं।
क्या आपको शॉपिंग करना बहुत पसंद है। तो आप शॉपिंग मॉल में एंटर करने से पहले चेकलिस्ट बना लें। एक्सपर्ट के मुताबिक, जब लोग क्रेडिट कार्ड और गिफ्ट सर्टिफिकेट के साथ शॉपिंग करते हैं तो वह लक्जरी आइटम की बिना सोचे समझे खरीददारी करने लगते हैं। कोशिश करें कि क्रेडिट कार्ड से ज्यादा पेमेंट न करें। इससे क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करने की आदत खत्म हो जाएगी।
रिवार्ड प्वाइंट को क्लेम करना न भूलें
शॉपिंग स्टोर और वेबसाइट लक्जरी प्रोडक्ट की खरीदारी पर रिवार्ड प्वाइंट ऑफर करती हैं। इन रिवार्ड पवाइंट को क्लेम करना न भूलें। शॉपिंग करने से पहले अपने रिवार्ड प्वाइंट को लेना न भूलें। रिवार्ड प्वाइंट्स का फायदा उठाएं।
फिटनेस पर समझदारी से करें खर्च
जिम मेंबरशिप लेने पर पैसा खर्च करने से बेहतर है कि घर में एक्सरसाइज करें या पैदल घूमने जाएं। जिम में एक महीने फिटनेस एक्सरसाइज सीखें और बाद में इसे घर में अपने आप करना शुरू करें। इससे आप 11 महीने की जिम की फीस बचा पाएंगे।
10 रुपए का नोट रोजाना गुल्लक में जरूर डालें
आपकी सभी सेविंग और इंवेस्टमेंट प्लान के अलावा रोजाना 10 रुपए जरूर बचाएं। साल के अंत में ये इमरजेंसी फंड के तौर पर आपके लिए काम करेगा। अगर आप इससे ज्यादा पैसे बचा सकते हैं, तो बचाएं। इससे आप ज्यादा सेव कर पाएंगे और फाइंनेंशियल स्टेटस को बेहतर कर पाएंगे।
इवेंट्स पर सोच समझकर करें खर्च
आप बिना पैसे दिये बहुत सारी एक्टिविटी और इवेंट्स में शामिल हो सकते हैं। आपको आउटडोर एडवेंचर और कल्चरल इवेंट्स की जानकारी वाट्सऐप्प ग्रुप के जरिए मिल जाएगी। ये ग्रुप कम बजट में आउटडोर इवेंट्स प्लान करते हैं। जैसे वॉल्वो बसों के जरिए मथुरा-वृंदावन की यात्रा, तंबोला पार्टी आदि। आप फेसबुक या वाट्सऐप्प के जरिए ऐसे ग्रुप के साथ जुड़े जो ट्रिप पर जाते हैं। इनके साथ इवेंट्स में शामिल होने के अलावा घुम-फिर भी सकते हैं। साथ ही कब बजट में घूम भी पाएंगे।