अगले तीन साल में इंडिया निवेश के लिए सबसे अच्छा, गिरावट के आसार कम, मोतीलाल ओसवाल के आशीष शंकर की राय

शंकर ने इंडियन मार्केट के बारे में कहा कि बाजार फिर से अपने लॉन्ग टर्म एवरेज के करीब दिख रहा है। कंपनियों की प्रॉफिट ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है। अगर तीन साल के लिहाज से देखा जाए तो इंडियन मार्केट दूसरे मार्केट के मुकाबले काफी बेहतर दिख रहे हैं

अपडेटेड May 04, 2023 पर 5:56 PM
मोतीलाल ओसवाल प्राइवेट वेल्थ (Motilal Oswal Private Wealth) के एमडी और सीईओ आशीष शंकर का कहना है कि इंडिया में हम इंटरेस्ट रेट वृद्धि के साइकिल के आखिर में हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इंटरेस्ट रेट में जल्द कमी आने जा रही है। मेरा मानना है कि अगले साल इंटरेस्ट रेट में कमी आएगी।

मार्केट के उतार-चढ़ाव ने इनवेस्टर्स को कनफ्यूज कर दिया है। उधर, इंटरेस्ट रेट बढ़ने की वजह से फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। लेकिन, मोतीलाल ओसवाल प्राइवेट वेल्थ (Motilal Oswal Private Wealth) के एमडी और सीईओ आशीष शंकर का कहना है कि अगले तीन साल में इंडिया इनवेस्टमेंट के लिए बेस्ट प्लेस है। उन्होंने यह भी कहा कि इंडियन मार्केट में गिरावट के सीमित आसार हैं। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने RBI की मॉनेटरी पॉलिसी के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि इनफ्लेशन के मामले में अमेरिका और इंडिया की स्थिति एक जैसी नहीं है।

शेयरों के सस्ता होने की उम्मीद नहीं

शंकर ने इंडियन मार्केट के बारे में कहा कि बाजार फिर से अपने लॉन्ग टर्म एवरेज के करीब दिख रहा है। कंपनियों की प्रॉफिट ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है। अगर तीन साल के लिहाज से देखा जाए तो इंडियन मार्केट दूसरे मार्केट के मुकाबले काफी बेहतर दिख रहे हैं। हालांकि, इंडियन शेयर्स सस्ते नहीं हैं। लेकिन हमें शेयरों के सस्ता होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। जहां तक गिरावट की बात है तो इसके आसार सीमित दिख रहे हैं। मैं यह कहने का रिस्क ले सकता हूं कि इस साल के आखिर में आपको मार्केट के सूचकांक नए हाई लेवल पर दिखेंगे।


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बैंकिंग सेक्टर में दिख रहे मौके

निवेश के लिए सबसे अच्छे सेक्टर के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि प्रॉफिट में अच्छी ग्रोथ के बावूजद अब भी बैंकों की वैल्यूएशंस अच्छी दिख रही है। बैंकिंग को लेकर हमारी राय पॉजिटिव बनी हुई है। हमने पिछले साल जुलाई बैंकिंग शेयरों में निवेश की सलाह दी थी। हम अब भी उन सेक्टर को लेकर उत्साहित हैं, जिनमें पूंजीगत खर्च की उम्मीद दिख रही है। कुछ समय बाद हमें प्राइवेट सेक्टर के पूंजीगत खर्च में वृद्धि देखने को मिलेगी। रियल एस्टेट खासकर रेजिडेंशियल रियल एस्टेट में काफी समय बाद उत्साह लौटता दिख रहा है। पिछले डेढ़ साल में इसमें हालात बेहतर हुए हैं।

इनफ्लेशन अमेरिका के लिए बड़ा खतरा

RBI की मॉनेटरी पॉलिसी के बारे में उन्होंने कहा कि पिछले साल दुनियाभर में इनफ्लेशन पर सबसे ज्यादा फोकस था। अमेरिका में केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व जो करता है, उसकी नकल दुनिया के ज्यादातर देशों के केंद्रीय बैंक करते हैं। फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में आक्रामक वृद्धि के बार RBI ने भी इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू किया। हालांकि, मेरा मानना है कि इंडिया में इनफ्लेशन को लेकर कभी उतनी ज्यादा चिंता नहीं रही, जितनी अमेरिका में थी।

अगले साल इंटरेस्ट रेट घटने की उम्मीद

पिछले महीने हम अमेरिका में बैंकों के डूबने के मामले देख चुके हैं। हालांकि, इंटरेस्ट रेट्स को लेकर फेडरल रिजर्व ने अब तक अपने पते नहीं खोले हैं। लेकिन हमें लगता है कि इंडिया हम इंटरेस्ट रेट में वृद्धि के साइकिल के आखिर में हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इंटरेस्ट रेट में जल्द कमी आने जा रही है। मेरा मानना है कि अगले साल इंटरेस्ट रेट में कमी आएगी।

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