NRI TRADING AND DEMAT ACCOUNT: अब विदेश में नौकरी करना मुश्किल नहीं है। ऐसी कई इंडियन कंपनियां हैं, जिनका कारोबार कई देशों में हैं। दूसरा, कई विदेशी कंपनियां, खासकर आईटी सेक्टर की कंपनियां इंडियंस को प्रेफर करती हैं। नौकरी के लिए देश से बाहर रहने पर व्यक्ति एनआरआई की कैटेगरी में आ जाता है।
एनआरआई के लिए शर्त यह है कि व्यक्ति को एक फाइनेंशियल ईयर में कम से कम 183 दिन विदेश में रहना होता है। सवाल है कि क्या NRI को इंडियन स्टॉक मार्केट में इनवेस्ट करने की इजाजत है? आइए इस सवाल का जवाब जानते हैं।
क्या अलग डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलने होंगे?
इस सवाल का जवाब हैं-हां। कोई NRI बीएसई या एनएसई में शेयर खरीद या बेच सकता है। लेकिन, इसके लिए कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। आपको सबसे पहले एनआरआई ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट खोलने होंगे। ब्रोकरेज कंपनियां एनआरआई ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट ओपन करने की सुविधा देती हैं। इसके लिए आपको RBI से पोर्टफोलियो इनवेस्टमेंट स्कीम (PINs) की इजाजत लेनी होगी। इसके बाद NRE डीमैट अकाउंट या NRO डीमैट अकाउंट ओपन कर सकते हैं।
पोर्टफोलियो इनवेस्टमेंट स्कीम क्या है?
पोर्टफोलियो इनवेस्टमेंट स्कीम के तहत आरबीआई किसी एनआरआआई को इंडियन शेयरों में ट्रेडिंग की इजाजत देता है। जिस बैंक में एनआरआई का बैंक अकाउंट होता है, उसके जरिए PIN के लिए अप्लाई किया जा सकता है।
NRI बैंक अकाउंट जरूरी है?
आम तौर पर एनआरआई बनते ही व्यक्ति NRI बैंक अकाउंट ओपन कर लेता है। अगर किसी वजह से आपने अब तक एनआरआई अकाउंट ओपन नहीं किया है तो इसे ओपन करना होगा। शेयरों में ट्रेडिंग के लिए NRI अकाउंट होना जरूरी है। इसके लिए आप PIS अकाउंट ओपन कर सकते हैं।
पीआईएस अकाउंट आपको इंडियन कंपनियों के शेयर या डिबेंचर खरीदने या बेचने की सुविधा देता है। आप बैंक में एनआरई अकाउंट ओपन कर सकते हैं। यह अकाउंट ऐसे लोगों के लिए है, जिन्हें विदेशी मुद्रा में सैलरी मिलती है, लेकिन वे बैंक अकाउंट में इसे इंडियन करेंसी में रखना चाहते हैं। आप एनआरओ अकाउंट भी ओपन कर सकते हैं। यह किसी एनआरआई को रेंट, बिजनेस आदि से होने वाली इनकम इंडियन करेंसी में रखने की सुविधा देता है।
क्या म्यूचुअल फंड में भी इनवेस्ट करने की इजाजत है?
अगर आपने एनआरआई ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट ओपन कर लिया है। साथ ही PIN ले लिया है और पीआईएस बैंक अकाउंट ओपन कर लिया है तो आप म्यूचुअल फंड में भी इनवेस्ट कर सकते हैं।
ज्यादातर ब्रोकरेज फर्म एनआरआई अकाउंट ओपन करने की सुविधा देते हैं। एक ही ब्रोकरेज फर्म में आपका एनआरआई ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट ओपन हो जाएगा। ब्रोकरेज फर्मों का बैंकों से समझौता होता है। इसके तहत वे आपको पीआईएस अकाउंट खोलने में भी मदद कर सकते हैं। कुछ ब्रोकरेज कंपनियां एनआरआई को पूरा पैकेज ऑफर करती हैं। इसमें ट्रेडिंग, डीमैट के साथ ही बैंक अकाउंट शामिल होता है।