Home Loan EMI: घर खरीदने के लिए होम लोन लेने जा रहे हैं? इनकम के हिसाब से समझिए कितनी होनी चाहिए EMI ताकि ट्रैप में न फंसें
Home Loan EMI: अपना खुद का आशियाना बनाना हर इंसान का एक बड़ा सपना होता है। लेकिन घर खरीदने के इस सफर में सबसे खतरनाक पल वह होता है, जब बैंक आपको यह बताता है कि आप कितने रुपये के लोन के लिए एलिजिबल हैं।
होम लोन लेने जा रहे हैं? इनकम के हिसाब से समझिए कितनी होनी चाहिए EMI
अपना खुद का आशियाना बनाना हर इंसान का एक बड़ा सपना होता है। लेकिन घर खरीदने के इस सफर में सबसे खतरनाक पल वह होता है, जब बैंक आपको यह बताता है कि आप कितने रुपये के लोन के लिए एलिजिबल हैं। आमतौर पर आपको जितनी उम्मीद होती है, बैंक उससे कहीं बड़ा लोन ऑफर करते हैं। और ऐसे होते ही आप एक ट्रैप में फंसने के लिए तैयार होने लगते हैं। इतनी बड़ी रकम को देखकर अचानक इंसान को थोड़ा बड़ा फ्लैट, बेहतर सोसायटी या एक एक्स्ट्रा बेडरूम वाला घर भी अपनी पहुंच में लगने लगता है। लेकिन यहीं पर लोग सबसे बड़ी गलती कर बैठते हैं। आपको यह समझना बेहद जरूरी है कि बैंक आपको जितना लोन देने के लिए तैयार है, और आप अगले 20 सालों तक जितनी ईएमआई आसानी से चुका सकते हैं, उन दोनों में बहुत बड़ा अंतर होता है।
बैंक केवल आपकी लोन चुकाने की क्षमता को देखता है, जबकि आपको अपने जीवन और भविष्य की जरूरतों को देखना होता है। ऐसे में ये फाइनेंशियल प्लानिंग आपके लिए बेहद जरूरी है।
आपकी सैलरी सिर्फ होम लोन के लिए नहीं है
जब आप किसी लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर का इस्तेमाल करते हैं, तो वह आपके जीवन के कई रियल खर्चों को नहीं जोड़ता है। आपको याद रखना चाहिए कि आपकी पूरी सैलरी सिर्फ होम लोन की ईएमआई भरने के लिए नहीं है। इसके अलावा आपके जीवन में कई दूसरे जरूरी खर्चे भी शामिल होते हैं, जैसे:
बच्चों के स्कूल की फीस
छुट्टियां और वेकेशन
इंश्योरेंस प्रीमियम
भविष्य के लिए निवेश
बुजुर्ग माता-पिता की देखरेख
गाड़ियों पर आने वाला खर्च
मेडिकल बिल और स्वास्थ्य संबंधी खर्चे
ऐसे में एक घर ऐसा होना चाहिए जो आपको हर महीने पैसों की तंगी का अहसास न कराए।
क्या सैलरी बढ़ने के भरोसे बड़ा लोन लेना सही है?
बहुत से लोग इस उम्मीद में अपनी क्षमता से ज्यादा बड़ा घर खरीद लेते हैं और भारी ईएमआई का बोझ उठा लेते हैं कि भविष्य में उनकी सैलरी बढ़ जाएगी और सब कुछ ठीक हो जाएगा। कभी-कभी ऐसा हो भी जाता है, लेकिन कई बार ऐसा नहीं भी होता। अपनी क्षमता से ज्यादा बड़ी EMI फिक्स का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यह आपके जीवन में किसी भी अप्रत्याशित वित्तीय संकट या आपातकाल के लिए कोई जगह नहीं छोड़ती। अगर आपकी सैलरी का आधा हिस्सा हर महीने सिर्फ होम लोन की ईएमआई में ही चला जाएगा, तो एक छोटा सा आर्थिक झटका भी आपके लिए भारी मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। हमेशा ध्यान रखिए कि घर आपको सुरक्षा और स्थिरता देने के लिए होना चाहिए, न कि ऐसा कि जिसकी वजह से आपको हर महीने के आखिरी हफ्ते में अपना बैंक बैलेंस देखकर एंग्जायटी या घबराहट होने लगे।
होम लोन लेते वक्त काम आता है 30% का नियम
इसी वित्तीय तनाव से बचने के लिए कई फाइनेंशियल प्लानर्स एक मोटे गाइड के रूप में 30% के नियम को अपनाने की सलाह देते हैं।
क्या है 30% का नियम: अगर आपके होम लोन की EMI आपकी कुल मासिक आय के 30 प्रतिशत के आसपास रहती है, तो आपके बजट में जीवन की अन्य सभी जरूरतों और खर्चों के लिए पर्याप्त जगह बची रहती है। यह मानकर न चलें कि आज की EMI हमेशा एक जैसी रहेगी। पहली बार घर खरीदने वाले बहुत से लोग मौजूदा ब्याज दरों और अपने आज के मौजूदा खर्चों के आधार पर ही पूरा कैलकुलेशन कर लेते हैं। समस्या यह है कि ये दोनों ही चीजें कभी स्थिर नहीं रहतीं। समय के साथ बैंकों की ब्याज दरें बदलती और ऊपर-नीचे होती रहती हैं। परिवार के खर्च लगातार बढ़ते जाते हैं। घर में बच्चों आते हैं जिससे जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। माता-पिता रिटायर होते हैं, जिससे उन पर होने वाले खर्च बदल सकते हैं। आपकी लाइफस्टाइल की कॉस्ट भी समय के साथ बढ़ती है।
जो ईएमआई आपको 30 साल की उम्र में बहुत आसान और आरामदायक लग रही थी, वह 40 साल की उम्र में आपके वित्तीय समीकरण जटिल होने पर बिल्कुल अलग और भारी महसूस हो सकती है। इसलिए आज ही अपने बजट में थोड़ा मार्जिन या कुशन रखना आपको भविष्य के कठिन फैसलों से बचा सकता है।
भविष्य के दूसरे लक्ष्यों के लिए भी जरूरी है पैसा
घर का मालिक बनना बेशक एक बहुत बड़ा लक्ष्य है लेकिन इसे आपके जीवन का एकमात्र लक्ष्य नहीं बन जाना चाहिए। अगर एक बड़ी ईएमआई के चक्कर में आप अपने लिए कोई इमरजेंसी फंड नहीं बना पा रहे हैं, अपनी रिटायरमेंट के लिए इन्वेस्ट नहीं कर पा रहे हैं या बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए बचत नहीं कर पा रहे हैं तो अंत में आपके पास एक मूल्यवान प्रॉपर्टी तो होगी, लेकिन आपके पास बिल्कुल भी फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी नहीं बचेगी।
सबसे बेहतर होम लोन कौन सा है?
सबसे बेहतर होम लोन वह नहीं है जिसके लिए आप अधिकतम एलिजिबल हैं, बल्कि सबसे बेहतर होम लोन वह है जो आपको बिना किसी मानसिक तनाव के अपनी जिंदगी जीने देता है, भविष्य के लिए निवेश करने का मौका देता है और आपको रात में चैन की नींद सुलाता है। जब लोग घर खरीदते हैं, तो उनका पूरा ध्यान स्वाभाविक रूप से सिर्फ प्रॉपर्टी (लोकेशन, साइज आदि) पर होता है। इसके साथ जरूरी यह भी है कि आप प्रॉपर्टी के बजाय उसके लिए जाने वाले हर महीने के भुगतान पर ध्यान केंद्रित करें।
खुद से बस एक सीधा और सरल सवाल पूछें कि अगर यह ईएमआई अगले 20 सालों तक लगातार चलती रही, तो क्या मेरे बजट में जीवन की अन्य सभी महत्वपूर्ण चीजों के लिए पर्याप्त जगह बची रहेगी? अगर आपका जवाब हां है तो आप एक सुरक्षित और टिकाऊ होम लोन की तरफ बढ़ रहे हैं। लेकिन अगर आपका जवाब यह है कि मुझे उम्मीद है कि मेरी सैलरी तेजी से बढ़ेगी तो आपको अपने नंबर्स और बजट पर दोबारा विचार करने की सख्त जरूरत है। एक बात हमेशा याद रखें कि घर खरीदने के इस पूरे खेल में आपकी लोन एलिजिबिलिटी से कहीं ज्यादा आपकी लोन भरने की क्षमता जरूरी होती है।