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PPF vs VPF: नौकरीपेशा लोगों के लिए कौन ज्यादा फायदेमंद है? समझिए पूरा कैलकुलेशन

PPF vs VPF: हर महीने ₹5,000 बचाने पर PPF और VPF में 15 साल बाद कितना पैसा बनेगा? ब्याज दर में मामूली फर्क से अंतिम रकम में करीब ₹1.8 लाख का अंतर आ सकता है। जानिए किस विकल्प में पैसा ज्यादा बन सकता है और क्यों।

Suneel Kumarअपडेटेड Sep 21, 2026 पर 2:58 PM
PPF vs VPF: नौकरीपेशा लोगों के लिए कौन ज्यादा फायदेमंद है? समझिए पूरा कैलकुलेशन
VPF उन नौकरीपेशा लोगों के लिए काम का विकल्प हो सकता है, जो रिटायरमेंट के लिए ज्यादा पैसा जमा करना चाहते हैं।

PPF vs VPF: नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट की तैयारी सिर्फ EPF तक सीमित नहीं है। अगर सैलरी से हर महीने कुछ पैसा बचता है, तो उसे PPF में लगाया जा सकता है। दूसरा विकल्प VPF है। इसमें कर्मचारी अपने EPF में तय योगदान से ज्यादा पैसा जमा करता है। दोनों ही लंबे समय के लिए सुरक्षित बचत के विकल्प हैं। लेकिन दोनों के नियम अलग हैं। ब्याज दर भी अलग है। पैसे निकालने के नियम भी अलग हैं।

मौजूदा ब्याज दर देखें तो जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए PPF पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF पर 8.25% ब्याज की सिफारिश की गई है। VPF का पैसा भी EPF में ही जाता है। इसलिए इस उदाहरण में VPF के लिए 8.25% की दर ली गई है।

फीचर PPF VPF
क्या है? सरकारी छोटी बचत योजना
EPF में अतिरिक्त कर्मचारी योगदान
ब्याज दर 7% 8.25%
निवेश सीमा अधिकतम ₹1.5 लाख सालाना
अलग ₹1.5 लाख की सीमा नहीं
निवेश कैसे करें? खुद जमा करना होता है
सैलरी से अतिरिक्त कटौती
मूल अवधि 15 साल
EPF के नियम लागू
नौकरी से संबंध नहीं EPF और नौकरी से जुड़ा
80C पुराने टैक्स रिजीम में पात्र पुराने टैक्स रिजीम में पात्र

₹5,000 महीने के निवेश से कितना पैसा बनेगा?

मान लीजिए आप हर महीने ₹5,000 निवेश करते हैं। साल भर में यह रकम ₹60,000 होगी। 15 साल में आपकी कुल जमा रकम ₹9 लाख हो जाएगी। अब तुलना के लिए मान लेते हैं कि पूरे 15 साल तक PPF पर 7.1% और VPF पर 8.25% की दर बनी रहती है।

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