Gurugram : अगर आप दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में नई प्रॉपर्टी खरीदने का मन बना रहे हैं तो यह आपके लिए जरूरी खबर है। दरअसल, हरियाणा सरकार ने यहां सर्किल रेट्स में 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। इस फैसले के चलते अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी होने वाली है। रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का कहना है कि सर्किल रेट्स में बढ़ोतरी का प्रीमियम सेगमेंट में कीमतों पर तुरंत प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, इससे प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी।
आम जनता की जेब पर बढ़ेगा बोझ
घर खरीदारों का कहना है कि सर्किल रेट्स में बढ़ोतरी से आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसके तहत अब खरीदारों को अधिक स्टांप शुल्क देना होगा। सर्किल रेट सरकार द्वारा मकान, प्लॉट, फ्लैट या कमर्शियल प्रॉपर्टी की बिक्री और ट्रांसफर के लिए तय मिनिमम वैल्यू है। सरकार प्रॉपर्टी के ट्रांसफर पर स्टांप शुल्क लगाती है, जो राज्य सरकार के राजस्व के प्रमुख स्रोतों में से एक है।
10 से 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी
जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, एरिया के आधार पर जिले भर में सर्किल रेट्स में 10 से 30 फीसदी तक की वृद्धि की गई है। कमर्शियल एरिया में भी सर्किल रेट में करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।
अधिकारियों ने कहा कि गोल्फ कोर्स रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे और सदर्न पेरिफेरल रोड के पास स्थित सेक्टरों की सर्कल रेट्स में 30 फीसदी तक की वृद्धि की गई है, जबकि सेक्टर 26 और 26ए जैसे कुछ इलाकों में वृद्धि लगभग 11 प्रतिशत है।
गुरुग्राम, सोहना, पटौदी, फरुखनगर, बादशाहपुर, मानेसर, वजीराबाद, हरसरू और कादीपुर सहित जिले की सभी तहसीलों में सर्किल रेट्स में 10 से 30 फीसदी की वृद्धि हुई है।
हर साल सर्किल रेट्स में होते हैं बदलाव
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि सर्कल रेट्स में बदलाव हर साल नियमित रूप से किया जाता है। स्थिरता बनाए रखने के लिए सर्कल रेट्स और बाजार दरों के बीच अंतर को कम करने के लिए बदलाव एक जरूरी है।
एक अधिकारी ने कहा, “नई सर्कल दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। अब इन नई सर्कल दरों के मुताबिक रजिस्ट्रियां होंगी। नए सर्किल रेट्स के आधार पर स्टांप शुल्क से प्राप्त राशि का इस्तेमाल तहसील व जिले के विकास में किया जाएगा। यह जनता का पैसा है और इसका इस्तेमाल जनता के लिए किया जाएगा।"