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बुजुर्गों के लिए खास अपार्टमेंट बनाने पर 200 करोड़ इनवेस्ट करेगी Columbia Pacific

सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट का मतलब ऐसे रेजिडेंशियल अपार्टमेंट्स से हैं, जो खास तौर पर बुजुर्ग लोगों के लिए बनाए जाते हैं। इसमें उन्हें ध्यान में रख विशेष सुविधाएं मौजूद होती हैं। इनमें व्हीलचेयर्स, फ्रेंडली दरवाजे, एंटी-स्किड फ्लोरिंग और एसिस्टिव केयर शामिल हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड May 10, 2023 पर 2:32 PM
बुजुर्गों के लिए खास अपार्टमेंट बनाने पर 200 करोड़ इनवेस्ट करेगी Columbia Pacific
अभी बेंगलुरु, कोयंबतूर, चेन्नई. कांचीपुरम और पांडीचेरी में सीपीसी के प्रोजेक्ट्स हैं।

बुजुर्ग लोगों के लिए अच्छी खबर है। अमेरिका की Columbia Pacific Communities (CPC) सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट्स पर करीब 200 करोड़ रुपये इनवेस्ट करेगी। सीपीसी का प्लान पूरे देश में दो साल के अंदर सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट्स बनाने का है। इसके तहत 2,000 घर बनाए जाएंगे। ये प्रोजेक्ट्स 9 शहरों में बनाए जाएंगे। सीपीसी के सीईओ मोहित नरूला ने यह जानकारी दी। उन्होंने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा कि हम हर साल 800-1000 सीनियर लिविंग घर बनाना चाहते हैं। हर प्रोजेक्ट से कंपनी को 150-200 करोड़ रुपये के रेवेन्यू की उम्मीद है। अभी बेंगलुरु, कोयंबतूर, चेन्नई. कांचीपुरम और पांडीचेरी में सीपीसी के प्रोजेक्ट्स हैं।

सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट क्या है?

सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट का मतलब ऐसे रेजिडेंशियल अपार्टमेंट्स से हैं, जो खास तौर पर बुजुर्ग लोगों के लिए बनाए जाते हैं। इसमें उन्हें ध्यान में रख विशेष सुविधाएं मौजूद होती हैं। इनमें व्हीलचेयर्स, फ्रेंडली दरवाजे, एंटी-स्किड फ्लोरिंग और एसिस्टिव केयर शामिल हैं। बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोयंबतूर जैसे शहरों में सीपीसी ऐसे घर बना चुकी है। कंपनी ने इस साल के अंत तक पुणे में काम शुरू कर देने का प्लान बनाया है। निरूला ने कहा कि सीपीसी का इंडिपेंडेंट सीनियर लिविंग मॉडल है। इसमें बुजुर्ग लोग दूसरों की मदद के बगैर रह सकते हैं। उन्हें रोजाना के अपने जरूरी काम करने के लिए सपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ती है। हाउसकीपिंग, गार्डेनिंग जैसे काम सर्विस प्रोवाइडर्स की तरफ से किए जाते हैं।

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