मिडिल क्लास को एक और तोहफा देने की तैयारी में केंद्र सरकार, मिलेगा सस्ता होम लोन

केंद्र सरकार अगले 5 साल में शहरी इलाकों में छोटे घरों के लिए सब्सिडी वाला लोन उपलब्ध कराने पर 600 अरब रुपये (7.2 अरब डॉलर) खर्च करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में इस स्कीम के बारे में ऐलान किया था। इस स्कीम में लोन से जुड़ी 9 लाख तक की राशि पर 3-6.5 पर्सेंट तक इंटरेस्ट सब्सिडी दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, यह प्रस्तावित स्कीम 20 साल की अवधि वाले 50 लाख रुपये से कम के हाउसिंग लोन पर लागू होगी

अपडेटेड Sep 26, 2023 पर 1:43 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार मिडिल क्लास के लिए एक नई आवास योजना लेकर आ रही है। इसके लिए बैंक से लोन लेने पर ब्याज में बड़ी राहत मिलेगी।

केंद्र सरकार 5 साल में शहरी इलाकों में छोटे घरों के लिए सब्सिडी वाला लोन उपलब्ध कराने पर 600 अरब रुपये (7.2 अरब डॉलर) खर्च करेगा। सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बैंक अगले कुछ महीनों में यह स्कीम पेश कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने महंगाई दर को काबू में करने के मकसद से पिछले महीने रसोई गैस की कीमतों में 18 पर्सेंट की कटौती की थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में इस स्कीम के बारे में ऐलान किया था। हालांकि, अब तक इस बारे में और जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस स्कीम में लोन से जुड़ी 9 लाख तक की राशि पर 3-6.5 पर्सेंट तक इंटरेस्ट सब्सिडी दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, यह प्रस्तावित स्कीम 20 साल की अवधि वाले 50 लाख रुपये से कम के हाउसिंग लोन पर लागू होगी।

एक सरकारी अधिकारी ने बताया, 'इंटरेस्ट सब्सिडी होम लोन के लाभार्थियों के खाते में सीधे जमा की जाएगी। यह स्कीम 2028 तक के लिए है। इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके बाद इसे केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी की जरूरत होगी।' अधिकारी के मुताबिक, इस स्कीम का फायदा शहरी इलाकों में मौजूद कम आय वाले उन लोगों को मिल सकता है जो लोन लेना चाहते हैं। हालांकि, सब्सिडी कितनी मिलेगी, यह ऐसे घरों की मांग पर निर्भर करेगा।


मोदी ने 15 अगस्त के अपने भाषण में कहा था, 'आने वाले वर्षों में हम ऐसी स्कीम लेकर आ रहे हैं, जिनसे उन परिवारों को फायदा होगा जो शहरों में किराए के मकान या झुग्गियों, चॉल या अनधिकृत कॉलोनियों में रहते हैं।'

इस सिलसिले में आवास और शहरी विकास मंत्रालय और वित्त मंत्रालय को भेजी गई ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला। दो बैंक अधिकारियों ने बताया कि बैंकों को इस सिलसिले में फिलहाल कोई टारगेट नहीं दिया गया है, लेकिन सरकारी अधिकारियों के साथ जल्द बैठक होने की संभावना है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।