Home in Delhi: दिल्ली में सस्ता घर खरीदने का एक और सुनहरा मौका! DDA ने बढ़ाई फ्लैट बुकिंग की डेडलाइन, पेमेंट के लिए भी मिली बड़ी राहत

Home in Delhi: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा में चल रही अपनी टावरिंग हाइट्स (Towering Heights) हाउसिंग स्कीम के तहत फ्लैट्स की बुकिंग की तारीख को एक बार फिर बढ़ा दिया है। अब लोग अपने सपनों के घर के लिए 31 जुलाई 2026 तक बुकिंग कर सकते हैं

अपडेटेड Jul 08, 2026 पर 8:22 AM
Home in Delhi: 'पहले आओ, पहले पाओ' के तहत चल रहे इस दूसरे फेज की बुकिंग अब 31 जुलाई तक की जा सकती है

Home in Delhi: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अपनी पहली ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) प्रोजेक्ट 'टावरिंग हाइट्स (Towering Heights)' कड़कड़डूमा हाउसिंग स्कीम 2026 के तहत फ्लैटों की बुकिंग की आखिरी तारीख एक बार फिर बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी है। इसके साथ ही डीडीए ने सफल आवंटियों को भुगतान के लिए भी अतिरिक्त समय दिया है। DDA का कहना है कि वैधानिक मंजूरियों में लगने वाले समय, मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों और आवंटियों के अनुरोधों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

इससे पहले दिसंबर 2025 में हुए पहले फेज के ई-ऑक्शन में DDA ने कुल 1,026 फ्लैट्स में से 178 फ्लैट्स बेच दिए थे। बाकी बचे हुए फ्लैट्स को इस दूसरे फेज में बेचा जा रहा है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने कड़कड़डूमा स्थित अपनी महत्वाकांक्षी आवासीय परियोजना टावरिंग हाइट्स के तहत फ्लैटों की बुकिंग के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है। यह इस योजना के लिए तीसरी बार समयसीमा बढ़ाई गई है।

दो बार बढ़ानी पड़ी डेडलाइन


इससे पहले बुकिंग की आखिरी तारीख 31 मार्च निर्धारित थी, जिसे पहले 31 मई और फिर 30 जून तक बढ़ाया गया था। यह योजना जनवरी 2026 में 'फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व (FCFS)' आधार पर शुरू की गई थी। इससे पहले दिसंबर 2025 में आयोजित ई-ऑक्शन के पहले चरण में डीडीए ने नीलामी के लिए रखे गए 1,026 फ्लैटों में से 178 फ्लैटों की बिक्री की थी। इस प्रोजेक्ट के तहत 1.8 करोड़ से 2.4 करोड़ रुपये तक फ्लैटों की कीमत है।

भुगतान की समयसीमा में भी राहत

डीडीए ने टावरिंग हाइट्स, कड़कड़डूमा हाउसिंग स्कीम 2025 (ई-ऑक्शन) और कड़कड़डूमा हाउसिंग स्कीम 2026 (एफसीएफएस) के तहत आवंटित फ्लैटों के भुगतान की डेडलाइ भी बढ़ा दी है। नई व्यवस्था के अनुसार, जिन आवंटियों की 60 दिनों की ब्याज मुक्त भुगतान अवधि समाप्त हो चुकी है, वे अब 31 जुलाई 2026 तक बिना किसी अतिरिक्त ब्याज के भुगतान कर सकेंगे। वहीं, जिन्हें और अधिक समय की आवश्यकता होगी, वे 1 अगस्त से 30 अगस्त 2026 के बीच भुगतान कर सकते हैं। हालांकि इस अवधि में योजना के प्रावधानों के अनुसार 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।

क्यों बढ़ाई गई डेडलाइन?

DDA की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि यह फैसला कई कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इनमें परियोजना के लिए आवश्यक वैधानिक मंजूरियां मिलने में लगने वाला समय, मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियां तथा आवंटियों की ओर से अतिरिक्त समय देने की मांग शामिल हैं।

फ्लैट्स की साइज

'टावरिंग हाइट्स' प्रोजेक्ट परियोजना के तहत कुल 848 दो बेडरूम (2 BHK) फ्लैट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन फ्लैटों का आकार 140 वर्गमीटर से 195 वर्गमीटर के बीच है। इनकी कीमत लगभग 1.80 करोड़ रुपये से 2.40 करोड़ रुपये तक रखी गई है। इनमें से 741 फ्लैट व्यक्तिगत खरीदारों के लिए उपलब्ध हैं। जबकि 107 फ्लैट सरकारी संस्थानों को सामूहिक आवंटन (बल्क अलॉटमेंट) के लिए आरक्षित किए गए हैं।

बेहतर कनेक्टिविटी वाली TOD प्रोजेक्ट

करीब 30 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही यह प्रोजेक्ट डीडीए की पहली ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) योजना है। इस मॉडल के तहत आवासीय, व्यावसायिक और नागरिक सुविधाओं को एकीकृत रूप से विकसित किया जाता है, ताकि लोग सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें और निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो।

प्रोजेक्ट कड़कड़डूमा इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन के बिल्कुल निकट स्थित है, जहां से ब्लू लाइन और पिंक लाइन दोनों की कनेक्टिविटी मिलती है। इसके अलावा यह एनएच-9, एनएच-24, आनंद विहार रेलवे स्टेशन और आनंद विहार आईएसबीटी के भी नजदीक है, जिससे दिल्ली और एनसीआर के अन्य हिस्सों तक आवागमन आसान हो जाता है।

पैसे जमा करने के लिए नया शेड्यूल क्या है?

खरीदारों की सहूलियत के लिए पेमेंट नियमों में यह ढील दी गई है:-

  • बिना ब्याज के भुगतान: जिन खरीदारों का 60 दिनों का इंटरेस्ट-फ्री (बिना ब्याज वाला) समय खत्म हो चुका है, वे अब बिना किसी ब्याज के 31 जुलाई तक भुगतान कर सकते हैं।
  • ब्याज के साथ भुगतान: अगर किसी को और ज्यादा समय चाहिए, तो वह 30 अगस्त तक पैसे जमा कर सकता है। लेकिन इसके लिए सालाना 10% की दर से ब्याज देना होगा।

क्या है इस प्रोजेक्ट की बड़ी खासियत?

  • ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट: यह दिल्ली का पहला ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) हाउसिंग प्रोजेक्ट है, जो करीब 30 हेक्टेयर जमीन पर फैला हुआ है।
  • मिक्स-यूज डेवलपमेंट: इस प्रोजेक्ट को इस तरह डिजाइन किया गया है जहां रिहायशी (Residential), कमर्शियल (Commercial) और पब्लिक स्पेस एक साथ जुड़े होंगे।
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा: TOD प्रोजेक्ट्स का मुख्य मकसद बड़े मेट्रो या बस टर्मिनल्स के पास घनी आबादी और बाजार बसाना होता है, ताकि लोग प्राइवेट गाड़ियों को छोड़कर मेट्रो या बसों का ज्यादा इस्तेमाल करें।
  • कनेक्टिविटी का बड़ा फायदा: यह प्रोजेक्ट कड़कड़डूमा इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन के बिल्कुल पास है, जहां से मेट्रो की ब्लू लाइन और पिंक लाइन दोनों मिलती हैं। इसके अलावा, यह आनंद विहार रेलवे स्टेशन, आनंद विहार ISBT (बस टर्मिनल), NH-9 और NH-24 के बेहद करीब है, जिससे यहाँ से दिल्ली-NCR में कहीं भी आना-जाना बेहद आसान है।

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