Housing Price: इन 8 शहरों में अप्रैल-जून में औसतन 5% बढ़ी घरों की कीमत, लिस्ट में टॉप पर दिल्ली-NCR

रियल एस्टेट सेक्टर की शीर्ष संस्था क्रेडाई (Credai), सलाहकार कोलियर्स इंडिया और डेटा विश्लेषण फर्म लियासेस फोरास की यह रिपोर्ट आठ प्रमुख शहरों - दिल्ली-NCR, मुंबई महानगरीय क्षेत्र (MMR), चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद के रुझानों पर आधारित है

अपडेटेड Aug 16, 2022 पर 2:27 PM
इन 8 शहरों में अप्रैल-जून में औसतन 5% बढ़ी घरों की कीमत

Housing Price: घरों की मांग में तेजी और निर्माण लागत बढ़ने से आठ प्रमुख शहरों में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी (Residential Propert) की कीमतों में अप्रैल-जून तिमाही के दौरान औसत 5% की बढ़ोतरी हुई। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। इस दौरान दिल्ली-NCR में घरों की कीमतों में सबसे ज्यादा 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

रियल एस्टेट सेक्टर की शीर्ष संस्था क्रेडाई (Credai), सलाहकार कोलियर्स इंडिया और डेटा विश्लेषण फर्म लियासेस फोरास की यह रिपोर्ट आठ प्रमुख शहरों - दिल्ली-NCR, मुंबई महानगरीय क्षेत्र (MMR), चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद के रुझानों पर आधारित है। रिपोर्ट का टाइटल 'हाउसिंग प्राइस-ट्रैकर रिपोर्ट 2022' है।

रिपोर्ट में कहा गया कि 2022 की दूसरी तिमाही के दौरान भारत में घरों कीमतें महामारी से पहले के स्तर को पार कर गईं। इससे संकेत मिलता है कि घर की मांग काफी तेज है और सप्लाई पूरी तरह मांग के अनुरूप है।


किस शहर में बढ़ी कितनी कीमत?

आंकड़ों के अनुसार, इस कैलेंडर ईयर की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान अहमदाबाद में घरों की कीमतें साल-दर-साल 9% बढ़कर 5,927 रुपए प्रति वर्ग फुट हो गईं।

बेंगलुरू में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ये कीमत 7,848 रुपए प्रति वर्ग फुट हो गई। जबकि चेन्नई में केवल एक प्रतिशत की वृद्धि के साथ 7,129 रुपए प्रति वर्ग फुट।

हैदराबाद में हाउसिंग रेट अप्रैल-जून में 9,218 रुपए प्रति वर्ग फुट था, जो एक साल पहले की अवधि से 8 प्रतिशत ज्यादा है। कोलकाता में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमतें भी 8% बढ़कर 6,362 रुपए प्रति वर्ग फुट हो गईं।

सबसे महंगे रियल एस्टेट मार्केट मुंबई महानगरीय क्षेत्र (MMR) में घर की कीमतों में 19,677 रुपये प्रति वर्ग फुट पर केवल 1 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।

दिल्ली-NCR प्रॉपर्टी मार्केट में घर की कीमतों में सबसे ज्यादा सालाना उछाल आया है, जो 10 प्रतिशत बढ़कर 7,434 रुपए प्रति वर्ग फुट हो गई।

वहीं पुणे ने जून तिमाही के दौरान घरों की कीमतों में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ये अब 7,681 रुपए प्रति वर्ग फुट हो गई है। ये सभी कीमतें कारपेट एरिया पर आधारित हैं।

Housing: इंडियन रियल एस्टेट मार्केट क्यों प्रॉब्लम में फंस गया?

रिपोर्ट में, लियासेस फोरस के मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज कपूर ने कहा कि कीमतें 'सीमित दायरे' में रहेंगी। कपूर ने कहा, "रियायती EMI प्लांस के साथ, हम देखते हैं कि डेवलपर्स ब्याज दरों में बढ़ोतरी के असर को झेल रहे हैं। बिक्री की मात्रा में सुधार होने की संभावना है, क्योंकि हम त्योहारी ऑफर के साथ नई सप्लाई में इजाफा देख रहे हैं।"

क्रेडाई के नेशनल प्रेसिंडेंट हर्षवर्धन पटोदिया ने घरों की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए कुछ मजबूत बुनियादी बातों के अलावा प्रमुख बिल्डिंग मटेरियल के साथ-साथ लेबर चार्ज की दरों में बढ़ोकरी को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कहा कि होम लोन पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण मांग पर मामूली असर पड़ सकता है, लेकिन सितंबर से बिक्री में बढ़ोतरी जारी रहेगी।

1999 में बने, कॉन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (Credai) भारत में प्राइवेट रियल एस्टेट डेवलपर्स का शीर्ष निकाय है। यह 21 राज्यों में 221 शहरों में 13,000 से ज्यादा डेवलपर्स का प्रतिनिधित्व करता है।

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