गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs -MHA) ने 15 दिसंबर को संसद में बताया कि आर्टिकल 370 रद्द होने के बाद जम्मू-कश्मीर में अब तक इस केंद्र शासित प्रदेश के बाहर के लोगों ने कुल 7 प्लॉट खरीदे हैं। ये सभी प्लॉट जम्मू डिविजन में हैं। इसमें कोई भी प्लॉट कश्मीर में नहीं है।
त्रिपुरा से कम्युनिटी पार्टी ऑफ इंडिया (Community Party of India -CPI) के विधायक झरना दास बैद्य (Jharna Das Baidya) ने संसद में सवाल उठाया। जिस पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय (Nityananda Rai) ने लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
राय से जब पूछा गया कि क्या राज्य के बाहर के किसी व्यक्ति ने अब तक जम्मू एवं कश्मीर में जमीन खरीदी है ओर यदि खरीदी है तो इसका ब्योरा क्या है। इसके जवाब में राय ने कहा, जम्मू और कश्मीर सरकार की तरफ से उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार, जम्मू और कश्मीर से बाहर के व्यक्तियों द्वारा कुल 7 प्लॉट खरीदे गए हैं। ये सभी सात प्लॉट जम्मू डिविजन में हैं।
बता दें कि अगस्त, 2019 में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के आर्टिकल 370 के प्रावधानों को रद्द कर दिया था और राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था। जम्मू-कश्मीर में जब आर्टिकल 370 लागू था तब दूसरे राज्यों के लोग वहां जमीन नहीं खरीद सकते थे। सिर्फ राज्य के लोग ही वहां पर जमीन खरीद सकते थे।
केंद्र सरकार ने जब आर्टिकल 370 को खत्म किया था तब कहा था कि यह कानून राज्य के विकास के लिए सबसे बड़ी रुकावट है। सरकार ने दावा किया था कि आर्टिकल 370 के रद्द होने के बाद राज्य के बाहर के लोग भी वहां जमीन खरीद सकेंगे और वहां निवेश हो सकेगा।