Lincoln House: साइरस पूनावाला ने खरीदा 750 करोड़ रुपये का महल, 8 साल से रहने का कर रहे हैं इंतजार

Lincoln House: सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मालिक साइरस पूनावाला ने लिंक हाउस मामले में नाराजगी जाहिर की है। लिंकन हाउस मुंबई के ब्रिच कैंडी अस्पताल के पास है। यहां पहले अमेरिकी दूतावास था। पूनावाला ने साल 2015 में 750 करोड़ रुपये में खरीदा था। लेकिन साइरस पूनावाला को इस महल में रहने की इजाजत नहीं मिल रही है। वो 8 साल से यहां रहने का इंतजार कर रहे हैं

अपडेटेड Apr 06, 2023 पर 11:29 AM
जमीन के मालिकाना हक पर विवाद के चलते यह डील रोक दी गई है

Lincoln House: मायानगरी मुंबई (Mumbai) में प्रॉपर्टी (Property) के रेट काफी हाई होते हैं। चमक-धमक भरी इस आर्थिक नगरी (Economic City) में घर खरीदना हर किसी के बस की बात नहीं है। वहीं इस शहर में कई ऐसी करोड़ों की डील हुई। जिन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया है। ऐसे ही सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के मालिक साइरस पूनावाला (Cyrus Poonawalla) ने अमेरिकी सरकार से 750 करोड़ रुपये में लिंकन हाउस खरीदा था। यह डील साल 2015 में हुई थी। लिंकन हाउस मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के इलाके में है। यह महल विवाद का हिस्सा बन चुका है।

8 साल हो गए अभी तक साइरस पूनावाला को इस घर में रहने की इजाजत नहीं मिली है। ऐसे में पूनावाला ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की है। दरअसल, मालिकाना हक के चलते सरकार ने इस डील पर रोक लगा दी है।

जानिए क्या है पूरा मामला


अगर इसके इतिहास की बात करें तो साल 1938 में वांकानेर के महाराजा ने लिंकन हाउस का निर्माण करवाया था। साल 1933 में ब्रिटिश आर्किटेक्ट (British architect) क्लॉड बैटले (Claude Batley) ने इसे डिजाइन किया था। यह महल 2 एकड़ में फैला है। साल 1957 में इसे अमेरिकी सरकार ने किराए पर लिया था। 18 लाख में यह लीज दी गई थी। ये लीज 999 सालों के लिए था। वहां अमेरिका ने अपना वाणिज्य दूतावास खोला। इसके बाद अमेरिका का दूतावास शिफ्ट हो गया। जिसके बाद अमेरिकी सरकार ने लिंकन हाउस को बेचने का फैसला किया। साल 2015 में साइरस पूनावाला ने इसे 750 करोड़ रुपये में अमेरिकी सरकार से खरीदा था। इसमें लीज के अधिकारों का ट्रांसफर भी शामिल था। लेकिन अब तक वो इस घर में रहने के लिए इंतजार कर रहे हैं।

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आखिर क्यों है विवाद?

अमेरिका और भारत सरकार के बीच एक बड़ा कानूनी विवाद हुआ है। अधिकारियों ने लिंकन हाउस की बिक्री पर रोक लगा दी है। साल 2020 में मालिकाना हक ट्रांसफर नहीं किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, लिंकन हाउस को 6 साल पहले बेचना था। लेकिन अमेरिकी सरकार ऐसा नहीं कर पाई।

मौजूदा समय में लिंकन हाउस में रखरखाव नहीं। लिहाजा यह बंगला बेहतर स्थिति में नहीं है। इसमें करीब 40 लोग रह सकते हैं। इस संपत्ति को वांकानेर हाउस (Wankaner House) के रूप में भी जाना जाता था। 750 करोड़ रुपये में खरीदी गई यह प्रॉपर्टी मुंबई की महंगी प्रॉपर्टी में से एक है। साल 2015 में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 64-65 रुपये थी। जिसके हिसाब से कैलकुल करने पर लिंकन हाउस की कीमत भारतीय करेंसी में 750 करोड़ रुपये थी। आज इस हाउस की कीमत 987 करोड़ रुपये से अधिक है।

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