MahaRERA : 500 से अधिक प्रोजेक्ट्स को सस्पेंड करने की तैयारी, QPR अपलोड नहीं करने के चलते होगी कार्रवाई

MahaRERA के मुताबिक, महाराष्ट्र में जनवरी में रजिस्टर्ड 750 में से 500 से अधिक प्रोजेक्ट्स ने रजिस्ट्रेशन के तीन महीने बाद भी अपने QPR अपलोड नहीं किए हैं। इसके चलते इन प्रोजेक्ट्स को वार्निंग नोटिस जारी किया जाएगा, जिनमें से अधिकांश मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में हैं

अपडेटेड May 08, 2023 पर 7:55 PM
MahaRERA के अनुसार जनवरी 2023 में रजिस्टर्ड 500 से अधिक प्रोजेक्ट्स ने तिमाही प्रोग्रेस रिपोर्ट (QPR) अपलोड नहीं की है।

महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (MahaRERA) के अनुसार जनवरी 2023 में रजिस्टर्ड 500 से अधिक प्रोजेक्ट्स ने तिमाही प्रोग्रेस रिपोर्ट (QPR) अपलोड नहीं की है। ऐसे में MahaRERA इन प्रोजेक्ट्स के रजिस्ट्रेशन को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर सकता है। इन प्रोजेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन जनवरी 2023 में हुआ था। MahaRERA के मुताबिक, महाराष्ट्र में जनवरी में रजिस्टर्ड 750 में से 500 से अधिक प्रोजेक्ट्स ने रजिस्ट्रेशन के तीन महीने बाद भी अपने QPR अपलोड नहीं किए हैं। इसके चलते इन प्रोजेक्ट्स को वार्निंग नोटिस जारी किया जाएगा, जिनमें से अधिकांश मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में हैं।

होमबायर्स पर क्या होगा असर

एक बार प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन निलंबित किए जाने के बाद डेवलपर सस्पेंशन ऑर्डर रद्द किए जाने तक प्रोजेक्ट में अपार्टमेंट्स की मार्केटिंग, एडवरटाइजमेंट या बिक्री नहीं कर सकते। MahaRERA के अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई जनवरी 2023 में रजिस्टर्ड केवल उन प्रोजेक्ट्स पर की जा रही है। ऐसे में इससे केवल कुछ होमबॉयर्स ही प्रभावित होंगे। फोकस वर्तमान में जनवरी में रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स पर है। MahaRERA के अधिकारियों का कहना है कि वे डिफॉल्टर्स को जल्दी पकड़ने की योजना बना रहे हैं।


लेंडर्स के लिए इसके क्या हैं मायने

MahaRERA के अनुसार एक बार किसी प्रोजेक्ट को निलंबित करने के बाद कस्ट्रक्शन, मार्केटिंग, एडवरटाइजिंग और बिक्री से संबंधित सभी गतिविधियों को रोक दिया जाएगा। MahaRERA के एक अधिकारी ने कहा, "हम परियोजना के निलंबन के बाद बैंकों को भी सूचित करेंगे।" रियल एस्टेट (रेगुलेशन और डेवलपमेंट) एक्ट 2016 की धारा 4 (2) (डी) के अनुसार प्रमोटर्स को विशेष रूप से प्रोजेक्ट के लिए शेड्यूल्ड बैंक में एक अलग अकाउंट खोलने की जरूरत होती है।

QPR क्यों है अहम

QPR के जरिए होमबॉयर्स हर तिमाही में कंस्ट्रक्शन के एक्चुअल स्टेटस और प्रोजेक्ट के प्रोग्रेस को ट्रैक कर सकते हैं। इसके ज़रिए वे यह तय कर पाते हैं कि प्रोजेक्ट में निवेश करना है या नहीं। बिल्डरों द्वारा QPR अपलोड नहीं करने की यह समस्या महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं है बल्कि पूरे देश में है। ऐसा गुजरात, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में भी होता है।

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