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Real Estate: छह साल का हो चुका है RERA, जानिए घर खरीदारों को मिली है कितनी मदद

RERA की वजह से घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा हो रही है। उदाहरण के लिए RERA ने उत्तर प्रदेश से जुड़े एक दूसरे मामले में आदेश नहीं मानने पर 9 बिल्डर्स पर 1.40 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई। महाराष्ट्र में राज्य की रेरा ने एक ग्राहक को फ्लैट का पजेशन देने तक रोजाना 10,000 देने का आदेश दिया

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 23, 2022 पर 6:17 PM
Real Estate: छह साल का हो चुका है RERA, जानिए घर खरीदारों को मिली है कितनी मदद
1 मई, 2016 को Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 (RERA) लागू हुआ था।

Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 यानी RERA छह साल पहले लागू हुआ था। इस दौरान इस एक्ट की वजह से सुप्रीम कोर्ट और दूसरे कोर्ट ने घर खरीदारों के पक्ष में कई फैसले दिए हैं। इससे पहले यह देखा गया था कि बिल्डर्स घर खरीदारों के साथ मनमानी करते थे। इससे उनकी जिंदगी भर की कमाई हाथ से जाने की नौबत आ जाती थी।

शुरुआती दो साल RERA को प्रभावी तरीके से लागू करने में बीत गए। इनमें प्रोजेक्ट्स रजिस्ट्रेशन सहित दूसरी चीजें शामिल थीं। अब रेगुलेटरी अथॉरिटीज और एपेलेट ट्राइब्यूनल्स ने अपनी ताकत दिखानी शुरू कर दी है।

ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें RERA की वजह से ग्राहकों को मदद मिली है। न्यूटेक प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड का मामला इसका उदाहरण है। Newtech Promoters and Developers Pvt. Ltd. vs State of UP & Others मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि रेगुलेटरी अथॉरिटी के पास रिफंड, इंटरेस्ट और पेनाल्टी लगाने का आदेश देने का अधिकार है।

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