राजीव ठक्कर के पोर्टफोलियो में बड़ा फेरबदल! इन सेक्टर्स की कंपनियों में बढ़ाई हिस्सेदारी, जानिए किससे लिया एग्जिट
Rajeev Thakkar Parag Parikh Flexi Cap: देश के सबसे बड़े 'पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड' में मार्च से अगस्त के बीच नए निवेश में 72% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वैसे, फंड का कुल AUM बढ़कर ₹1.47 लाख करोड़ पहुंच चुका है। सुस्त रिटर्न और घटते इनफ्लो के बीच फंड मैनेजर राजीव ठक्कर ने पोर्टफोलियो में बड़ा फेरबदल किया है। जानिए कौन से शेयरों पर लगाया है दांव और किससे लिया है एग्जिट
राजीव ठक्कर ने दिग्गज आईटी और बैंकिंग कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी मजबूत की है
Parag Parikh Flexi Cap Fund Portfolio Changes: देश की सबसे बड़ी फ्लेक्सी-कैप स्कीम पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड (PPFAS) में नए पैसों का आवक बीते पांच महीनों में काफी सुस्त पड़ा है। मार्च 2026 के मुकाबले अगस्त तक फंड में नया निवेश लगभग 72% तक घट चुका है।
वैसे, राहत की बात यह है कि इनफ्लो में सुस्ती के बावजूद फंड का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) मार्च के ₹1.32 लाख करोड़ से बढ़कर अगस्त 2026 तक ₹1.47 लाख करोड़ पहुंच चुका है।
फंड के मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) राजीव ठक्कर और उनकी टीम ने ₹1.47 लाख करोड़ के इस विशाल पोर्टफोलियो में कई बड़े री-एलोकेशन और रणनीतिक बदलाव किए हैं।
इनफ्लो में 72% की बड़ी गिरावट और शॉर्ट-टर्म रिटर्न का हाल
ACE MF के आंकड़ों के अनुसार, फंड में हर महीने आने वाला नया निवेश तेजी से कम हुआ है:
मार्च 2026: ₹3,949.93 करोड़
अप्रैल 2026: ₹3,613.57 करोड़
जून 2026: ₹2,360.52 करोड़
जुलाई 2026: ₹1,583.47 करोड़
अगस्त 2026: ₹1,098.94 करोड़
रिटर्न का हाल: हालिया महीनों में सुस्त रिटर्न के चलते नए निवेशकों की रफ्तार धीमी हुई है। अगस्त अंत तक यह फंड YTD आधार पर 6.38% नीचे और पिछले 1 साल में 4.46% की गिरावट में था। हालांकि, 3 साल का सालाना रिटर्न 11.56% रहा है।
कैश पूल में से निकाले पैसे, कोर इक्विटी में बढ़ाई हिस्सेदारी
राजीव ठक्कर ने बाजार के मौकों का फायदा उठाने के लिए रिजर्व रखे गए कैश को बाजार में लगाना शुरू कर दिया है। मार्च में फंड के पास 18.94% पैसा कैश, डेट और आर्बिट्राज में रखा था, जो अगस्त में घटकर 11.58% रह गया। इसमें केवल कैश का आवंटन घटकर 3.42% बचा है। भारतीय शेयरों में कोर इक्विटी एलोकेशन मार्च के 66.75% से बढ़ाकर अगस्त में 71.2% कर दिया गया। वहीं विदेशी इक्विटी में हिस्सेदारी 11% के आसपास स्टेबल बनी हुई है।
रियल एस्टेट और REITs पर बढ़ाया दांव
पोर्टफोलियो में सबसे चौंकाने वाला बदलाव रियल एस्टेट और रीयल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट( REITs) में देखने को मिला है। मार्च में REITs का हिस्सा पूरे पोर्टफोलियो में महज 1.51% था। अगस्त तक यह बढ़कर 6.2% पहुंच गया।
कौन-से शेयर आए, कौन से बाहर?
फंड ने Mindspace Business Parks REIT से पूरी तरह एग्जिट कर लिया है। अब इसके पास Knowledge Realty Trust (2.09%), Embassy Office Parks REIT (2.48%) और Brookfield India REIT (1.60%) में हिस्सेदारी है। जुलाई में रियल एस्टेट दिग्गज DLF में फंड का दांव महज 0.03% था, जो अगस्त में बढ़कर 0.64% हो गया।
IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी
राजीव ठक्कर ने दिग्गज आईटी और बैंकिंग कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी मजबूत की है, जबकि पीएसयू कंपनियों में से फंड निकाला है:
IT सेक्टर्स में खरीदारी: मार्च से अगस्त के बीच HCL Tech (3.11% से बढ़कर 4.15%), Infosys (2.61% से बढ़कर 3.29%) और TCS (2.27% से बढ़कर 2.88%) में हिस्सेदारी बढ़ाई गई है। तीनों बड़ी आईटी कंपनियों की कुल हिस्सेदारी अब 10% से ऊपर है।
बैंकिंग व ऑटो: ICICI Bank का वेटेज 5.03% से बढ़कर 5.67%, Bajaj Holdings का 4.09% से 5.14% और Mahindra & Mahindra का 3.36% से बढ़कर 3.97% हो गया।
किसे दिया झटका?
Power Grid की हिस्सेदारी 7.16% से घटाकर 5.58% और Coal India की 6.11% से घटाकर 5.02% कर दी गई। HDFC Bank हल्का घटकर 7.63% रहने के बावजूद पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा होल्डिंग बना हुआ है।
पोर्टफोलियो में बढ़े शेयर, पर टॉप-10 का दबदबा कायम
अप्रैल में फंड के पोर्टफोलियो में केवल 38 शेयर थे, जो अगस्त तक बढ़कर 59 शेयर हो गए। नए शेयर जुड़ने के बावजूद टॉप-10 शेयरों की कुल हिस्सेदारी 52.27% पर केंद्रित है जो अप्रैल में 51.52% थी। फंड का बड़ा हिस्सा लार्ज कैप (65.29%) में ही बना हुआ है। मिड-कैप में हिस्सेदारी 3.44% और स्मॉल-कैप में 4.35% है। पोर्टफोलियो टर्नओवर करीब 43% पर स्थिर है, जो दर्शाता है कि फंड मैनेजर अपने लॉन्ग-टर्म बाय-एंड-होल्ड फिलॉसफी पर ही कायम हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।