सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स के प्री-मैच्योर रिडेम्प्शन के लिए RBI ने जारी किया कैलेंडर

SGB के निवेशकअगर अपने बॉन्ड तय वक्त से पहले रिडीम करना चाहते हैं तो वे कर सकते हैं। दरअसल, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की मियाद 8 साल होती है। इसका मतलब है कि आठ साल के बाद ही ये मैच्योर होते हैं। लेकिन, निवेशकों को मैच्योरिटी से पहले अपना पैसा निकालने की इजाजत है। लेकिन, यह इजाजत 5 साल के बाद ही मिलती है

अपडेटेड Sep 02, 2023 पर 1:50 PM
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश पर सालाना 2.5 फीसदी इंटरेस्ट मिलता है। यह पैसा हर छह महीने पर इनवेस्टर के बैंक अकाउंट में डाल दिया जाता है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। अगर निवेशक अपने बॉन्ड तय वक्त से पहले रिडीम करना चाहते हैं तो वे कर सकते हैं। दरअसल, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की मियाद 8 साल होती है। इसका मतलब है कि आठ साल के बाद ही ये मैच्योर होते हैं। लेकिन, निवेशकों को मैच्योरिटी से पहले अपना पैसा निकालने की इजाजत है। लेकिन, यह इजाजत 5 साल के बाद ही मिलती है। इसका मतलब है कि निवेशकों को कम से कम पांच साल तक इन बॉन्ड्स में अपना निवेश बनाए रखना पड़ता है। RBI ने समय से पहले एसजीबी के रिडेम्प्शन के लिए कैलेंडर जारी कर दिया है।

इन सीरीज के इनवेस्टर्स कर सकेंगे रिडीम

SGB 2017-18 सीरीज III के निवेशक 16 सितंबर, 2023 से 6 अक्टूबर, 2023 के बीच अपने बॉन्ड्स को रिडीम कर सकेंगे। निवेशकों को ये बॉन्ड्स 16 अक्टूबर, 2017 को जारी किए गए थे। SGB 2017-18 सीरीज IV में निवेश करने वाले इनवेस्टर्स 23 सितंबर, 2023 से 13 अक्टूबर, 2023 के बीच अपने बॉन्ड्स रिडीम कर सकेंगे। SGB 2017-18 सीरीज V के निवेशक 30 सितंबर, 2023 से 20 अक्टूबर, 2023 के बीच अपने बॉन्ड्स रिडीम कर सकेंगे। इस सीरीज के बॉन्ड्स निवेसकों को 30 अक्टूबर, 2017 को जारी किए गए थे।


क्या होगा प्रोसेस?

RBI ने कहा है कि बताई गई तारीखों में अनशिड्यूल्ड हॉलीडेज की वजह से बदलाव हो सकता है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि अगर इनवेस्टर्स मैच्योरिटी से पहले अपने बॉन्ड्स रिडीम करना चाहते हैं तो उन्हें रिडेम्पशन के कैलेंडर को ठीक समझ लेना जरूरी है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सरकार की तरफ से जारी किए जाते हैं। इसमें निवेश करने वाले निवेशकों को सरकार की तरफ से सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। जो इनवेस्टर्स अपने बॉन्ड्स समय से पहले भुनाना चाहते हैं वे संबंधित बैंक/SHCIL Offices/पोस्ट ऑफिस/एजेंट थर्ड पार्टी से संपर्क कर सकते हैं। यह काम उन्हें कूपन डेट से पहले करना होगा।

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सालाना 2.5 फीसदी इंटरेस्ट

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश पर सालाना 2.5 फीसदी इंटरेस्ट मिलता है। यह पैसा हर छह महीने पर इनवेस्टर के बैंक अकाउंट में डाल दिया जाता है। लेकिन, इस इंटरेस्ट इनकम पर टैक्स लगता है। लेकिन, रिडेम्प्शन के वक्त होने वाला प्रॉफिट टैक्स के दायरे में नहीं आता है। सरकार ने फिजिकल गोल्ड में निवेश करने वाले लोगों को विकल्प देने के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की शुरुआत की थी। निवेशक के लिए न्यूनतम इनवेस्टमेंट 1 ग्राम है। मैक्सिम 4 किलोग्राम में निवेश की इजाजत है।

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