सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। अगर निवेशक अपने बॉन्ड तय वक्त से पहले रिडीम करना चाहते हैं तो वे कर सकते हैं। दरअसल, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की मियाद 8 साल होती है। इसका मतलब है कि आठ साल के बाद ही ये मैच्योर होते हैं। लेकिन, निवेशकों को मैच्योरिटी से पहले अपना पैसा निकालने की इजाजत है। लेकिन, यह इजाजत 5 साल के बाद ही मिलती है। इसका मतलब है कि निवेशकों को कम से कम पांच साल तक इन बॉन्ड्स में अपना निवेश बनाए रखना पड़ता है। RBI ने समय से पहले एसजीबी के रिडेम्प्शन के लिए कैलेंडर जारी कर दिया है।
