RBI यूपीआई-लाइट (UPI-Lite) की लिमिट बढ़ाना चाहता है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 10 अगस्त को मॉनेटरी पॉलिसी पेश करने के दौरान इस बारे में संकेत दिए। उन्होंने UPI-Lite की लिमिट 200 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने का प्रस्ताव पेश किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि ओवरऑल लिमिट 2,000 रुपये बनी रहेगी। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन में रियायत से जुड़े रिस्क को देखते हुए ओवरऑल लिमिट नहीं बढ़ाई गई है। इससे पहले प्रति ट्रांजेक्शन के लिए 200 रुपये की लिमिट और प्रति पेमेंट इंस्ट्रूमेंट के लिए 2,000 रुपये की लिमिट का प्रस्ताव केंद्रीय बैंक ने दिया था।
RBI का मानना है कि यूपीआई-लाइट की लिमिट बढ़ाने से डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल बढ़ेगा। यूपीआई-लाइट UPI की तरह है। दोनों में फर्क सिर्फ यह है कि यूपीआई-लाइट के जरिए अभी 200 रुपये से ज्यादा का ट्रांजेक्शन नहीं हो सकता है। यूपीआई लाइट का इस्तेमाल UPI के मुकाबले आसान है। इसमें UPI PIN की जरूरत नहीं पड़ती है। इसलिए इसमें रिस्क ज्यादा है। इसी वजह से अभी इसकी लिमिट सिर्फ 200 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन है।
अगर आप UPI-Lite का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आपको इसका लाइट वर्जन BHIM, Google Pay, Phonepe या Paytm जैसे यूपीआई के लाइट वर्जन को सपोर्ट करने वाले ऐप को डाउनलोड करना होगा। आप अपने यूपीआई लाइट अकाउंट में 2000 रुपये तक लोड कर सकते हैं। एक दिन में आप दो बार इसमें 2000 रुपये लोड सकते हैं। इस तरह एक दिन में आप कुल 4000 रुपये लोड कर सकेंगे। RBI ने नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के साथ मिलकर सितंबर 2022 में UPI-Lite की शुरुआत की थी।