RBI Repo Rate Hike: RBI ने रेपो रेट (Repo Rate) में 8 फरवरी को 0.25 फीसदी इजाफा किया है। इससे होम लोन लेने वाले लोग फिक्रमंद हैं। उन्हें अपनी EMI बढ़ने की चिंता सता रही है। उन्हें डर है कि इससे उनके घर का बजट बिगड़ सकता है। होम लोन की अवधि लंबी होती है। इसलिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर ग्राहक पर बोझ काफी बढ़ जाता है। लेकिन, आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। आपके पास कुछ विकल्प है, जिनका इस्तेमाल आप कर सकते हैं। आप अपनी वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह फैसला कर सकते हैं कि आपके लिए कौन सा विकल्प सही रहेगा।
आपके होम लोन का क्या होगा?
आम तौर पर इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर बैंक होम लोन के ग्राहक के लोन की अवधि बढ़ा देते हैं। इससे आपकी EMI नहीं बढ़ती है। लेकिन, लोन की अवधि बढ़ने की वजह से इंटरेस्ट पर होने वाला आपका खर्च काफी बढ़ जाता है। अगर आपकी वित्तीय स्थिति बढ़ी हुई EMI चुकाने की इजाजत आपको नहीं दे रही है तो आप होम लोन की अवधि बढ़ाकर अपनी ईएमआई फिक्स्ड रख सकते हैं।
आपके पास क्या ऑप्शंस हैं?
अगर आपकी वित्तीय स्थिति अच्छी है तो आप बढ़ी हुई EMI का पेमेंट कर सकते हैं। इस ऑप्शंस में आपकी लोन की अवधि नहीं बढ़ेगी। उदाहरण के लिए अगर आपने 20 साल के लिए लोन लिया है तो लोन की अवधि 20 साल ही रहेगी। लेकिन, हर महीने होने वाला पेमेंट यानी ईएमआई बढ़ जाएगी। इस ऑप्शन में इंटरेस्ट पर होने वाला आपका कुल खर्च बहुत ज्यादा नहीं बढ़ता है।
क्या आपको अपने बैंक को बताना होगा?
इंटरेस्ट रेट बढ़ने के बाद अगर आप चाहते हैं कि बैंक लोन की अवधि बढ़ाने की जगह आपकी EMI बढ़ा दे तो आपको अपने बैंक को इस बारे में बताना होगा। इसकी वजह यह है कि अगर बैंक को खुद फैसला लेना हो तो वह EMI बढ़ाने की जगह लोन की अवधि बढ़ाने का फैसला करते हैं। इस बारे में वे आपको बाद में इंफॉर्म करते हैं। इसलिए अगर अपनी EMI बढ़वाना चाहते हैं तो पहले ही बैंक को इस बारे में बता देना आपकेलिए जरूरी है।
ऐसे आप आसानी से समझ सकते हैं मामला
आइए अब इसे एक उदाहरण की मदद से समझने की कोशिश करते हैं। मान लीजिए आपने 50 लाख रुपये का होम लोन 20 साल के लिए लिया है। अब तक आपका इंटरेस्ट रेट 9 फीसदी था। इस पर आप 45,793 रुपये की ईएमआई चुका रहे थे। 8 फरवरी, 2023 को RBI के इंटरेस्ट रेट बढ़ा देने के बाद आपका बैंक आपके होम लोन का इंटरेस्ट रेट बढ़ाकर 9.25 फीसदी कर देता है। अब हम आप पर पड़ने वाले असर को समझने की कोशिश करते हैं। अगर आप EMI नहीं बढ़ाना चाहते हैं तो आपके लोन की अवधि 14 महीने बढ़ जाएगी। इसका मतलब है कि आपके लोन की कुल अवधि बढ़कर 21 साल 2 महीने हो जाएगी। लेकिन, आपकी EMI नहीं बढ़ेगी। पहले की तरह आप 45,793 रुपये की ईएमआई चुकाते रहेंगे।
अगर आप अपने बैंक को बता देते हैं कि आप लोन की अवधि बढ़ाने की जगह ज्यादा EMI चुकाना चाहते हैं तो लोन की अवधि 20 साल बनी रहेगी। लेकिन, आपकी EMI 807 रुपये बढ़ जाएगी। इस तरह 45,793 रुपये की जगह आपकी ईएमआई बढ़कर 44,986 रुपये हो जाएगी। यह ऑप्शन उन ग्राहकों के लिए अच्छा है जिनके रिटायर होने में अपेक्षाकृत कम वक्त बचा है। नौकरी के दौरान ज्यादा EMI चुकाकर लोन को खत्म कर देना ठीक रहेगा। रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम बहुत कम हो जाती है।