इस सीरीज के SGB के प्रीमैच्योर रिडेम्पशन प्राइस का ऐलान, निवेशकों को 235% का बंपर मुनाफा

RBI ने SGB 2021-22 Series-I के लिए 15,840 रुपये प्रति यूनिट का प्रीमैच्योर रिडेम्पशन प्राइस तय किया है। इस सीरीज में निवेश करने वालों को करीब 235% का रिटर्न मिला है। 1 लाख रुपये का निवेश बढ़कर लगभग 3.35 लाख रुपये हो गया है। जानिए रिडेम्प्शन प्राइस समेत पूरी डिटेल।

अपडेटेड May 24, 2026 पर 5:51 PM
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SGB 2021-22 Series-I ऑनलाइन निवेशकों को 4,727 रुपये प्रति ग्राम के भाव पर जारी किया गया था।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2021-22 सीरीज-I के लिए समय से पहले पैसे निकालने की कीमत तय कर दी है। इस सीरीज के निवेशक 25 मई 2026 से अपने बॉन्ड को समय से पहले भुना सकेंगे। RBI ने इसका रिडेम्प्शन प्राइस 15,840 रुपये प्रति यूनिट तय किया है।

कैसे तय हुई कीमत?

रिडेम्प्शन प्राइस तय करने के लिए 999 शुद्धता वाले सोने के पिछले तीन कारोबारी दिनों के औसत बंद भाव का इस्तेमाल किया गया है। ये आंकड़े इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) से लिए जाते हैं। इसी औसत के आधार पर निवेशकों को भुगतान किया जाएगा। यह कीमत 20, 21 और 22 मई 2026 को सोने के बंद भाव के औसत के आधार पर तय की गई है।


कब निकाल सकते हैं पैसा?

RBI के नियमों के मुताबिक, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वाले लोग जारी होने की तारीख से पांच साल बाद समय से पहले पैसा निकाल सकते हैं। हालांकि यह सुविधा सिर्फ ब्याज भुगतान की तय तारीखों पर ही मिलती है।

कितना मिला रिटर्न?

SGB 2021-22 Series-I ऑनलाइन निवेशकों को 4,727 रुपये प्रति ग्राम के भाव पर जारी किया गया था। वहीं ऑफलाइन निवेश करने वालों ने 4,777 रुपये प्रति ग्राम की दर से खरीदारी की थी। अगर ऑनलाइन निवेशकों की बात करें तो उन्हें प्रति ग्राम 11,113 रुपये का फायदा हुआ है।

15,840 रुपये - 4,727 रुपये = 11,113 रुपये

यानी सिर्फ सोने की कीमत में बढ़ोतरी के आधार पर निवेशकों को करीब 235.1% का रिटर्न मिला है। इसमें बॉन्ड पर मिलने वाला सालाना 2.5% ब्याज शामिल नहीं है।

1 लाख रुपये का निवेश कितना हुआ?

अगर किसी निवेशक ने इस बॉन्ड में शुरुआत में 1 लाख रुपये लगाए थे, तो उसका निवेश अब बढ़कर लगभग 3.35 लाख रुपये हो गया है। इसका मतलब कि 1 लाख रुपये की रकम करीब साढ़े तीन गुना हो चुकी है।

टैक्स नियम बदल चुके हैं

1 अप्रैल से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से जुड़े टैक्स नियमों में बदलाव किया गया है। अब समय से पहले बॉन्ड भुनाने पर निवेशकों को कैपिटल गेन टैक्स देना होगा। यह नियम उन निवेशकों पर भी लागू होगा जिन्होंने बॉन्ड को सीधे सरकार के इश्यू में खरीदा था।

किसे मिलेगा टैक्स में छूट?

कैपिटल गेन टैक्स से पूरी छूट सिर्फ उन्हीं मूल निवेशकों को मिलेगी जो अपने बॉन्ड को पूरे आठ साल की अवधि तक होल्ड करेंगे। दूसरी तरफ, सेकेंडरी मार्केट से SGB खरीदने वाले निवेशकों को अब मैच्योरिटी तक बॉन्ड रखने के बाद भी टैक्स छूट का फायदा नहीं मिलेगा।

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