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SGB: क्या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की नई किस्त नहीं आएगी? आपके पास NSE और BSE में निवेश करने का है विकल्प

RBI ने फरवरी से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की नई किस्त जारी नहीं की है। अनुमान है कि सरकार एसजीबी की किस्त घटा सकती है या इस स्कीम को बंद कर सकती है। स्कीम बंद होने की स्थिति में निवेशकों के पास एनएसई और बीएसई में एसजीबी की किस्तों में निवेश करने का विकल्प है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 15, 2024 पर 2:25 PM
SGB: क्या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की नई किस्त नहीं आएगी? आपके पास NSE और BSE में निवेश करने का है विकल्प
RBI ने एसजीबी की पहली किस्त 30 नवंबर, 2015 को जारी की थी। तब से इसकी 67 किस्तें जारी हो चुकी हैं।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) पिछले कुछ सालों से गोल्ड में निवेश का अट्रैक्टिव ऑप्शन बन गया है। इसके कई कारण हैं। इसकी सुरक्षा को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं रहती है। गोल्ड की शुद्धता को लेकर भी कोई संदेह नहीं रहता है। साथ ही इस पर इंटरेस्ट भी मिलता है। लेकिन, एसजीबी में सरकार की दिलचस्पी घटती दिख रही है। इस साल फरवरी से आरबीआई ने एसीजीबी की नई किस्त जारी नहीं की है। सरकार की तरफ से आरबीआई समय-समय पर एसजीबी की किस्त जारी करता है। मनीकंट्रोल ने जुलाई के आखिर में बताया था कि सरकार एसजीबी की घटा सकती है या इसे बंद कर सकती है।

बीएसई और एनएसई पर होती है एसजीबी की ट्रेडिंग

एसजीबी की नई किस्त जारी नहीं होने पर निवेशकों के पास स्टॉक एक्सचेंजों पर एसजीबी में निवेश करने का विकल्प है। BSE और NSE में एसीजीबी की ट्रेडिंग होती है। RBI ने एसजीबी की पहली किस्त 30 नवंबर, 2015 को जारी की थी। तब से इसकी 67 किस्तें जारी हो चुकी हैं। इसके तहत कुल 14.7 करोड़ यूनिट्स जारी की गई हैं। बीएसई और एनएसई के कैश सेगमेंट में एसजीबी लिस्टेड हैं। रिटेल इनवेस्टर्स डीमैट अकाउंट के जरिए एसजीबी को खरीद और बेच सकते हैं।

स्टॉक एक्सचेंजों में लिक्विडिटी काफी कम

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