Mutual Fund SIP Return Calculation: शेयर बाजार की अनिश्चितताओं के बीच म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) आम निवेशकों के लिए वेल्थ क्रिएशन का सबसे आसान और सेफ जरिया बन चुका है। अक्सर लोगों को लगता है कि बड़ा फंड बनाने के लिए हजारों-लाखों रुपये की जरूरत होती है, लेकिन सच यह है कि जेब खर्च से बचाए गए महज ₹500 या ₹1,000 महीने से भी लंबी अवधि में लाखों का कॉर्पस तैयार किया जा सकता है।
म्यूचुअल फंड में कम्पाउंडिंग की ताकत और रुपी कॉस्ट एवेरेजिंग का फायदा मिलकर आपके छोटे-से निवेश को बड़ा बना देता है। आइए 12% के औसतन अनुमानित सालाना रिटर्न के हिसाब से समझते हैं कि ₹500 और ₹1,000 की SIP से 10, 15 और 25 सालों में कितना फंड बनेगा।
₹500 की मंथली SIP से कितना बनेगा फंड?
अगर आप हर महीने सिर्फ ₹500 की SIP करते हैं जो कि रोजाना का लगभग ₹16-17 होता है, तो 12% के औसत सालाना रिटर्न के हिसाब से आपका कैलकुलेशन कुछ ऐसा होगा:
कुल फंड: ₹1,16,169 (लगभग 1.16 लाख रुपये)
अनुमानित रिटर्न: ₹1,62,288
कुल फंड: ₹2,52,288 (लगभग 2.52 लाख रुपये)
अनुमानित रिटर्न: ₹7,98,807
कुल फंड: ₹9,48,807 (लगभग 9.50 लाख रुपये)
₹1,000 की मंथली SIP से कितना बनेगा फंड?
अगर आप अपने निवेश को बढ़ाकर रोजाना ₹33 यानी महीने का ₹1,000 कर देते हैं, तो 12% के औसतन सालाना रिटर्न पर मिलने वाला रिटर्न दोगुना से भी ज्यादा हो जाता है:
कम्पाउंडिंग की ताकत: समय जितना ज्यादा, उतना बड़ा कॉर्पस
ऊपर दिए गए आंकड़ों से साफ है कि निवेश की रकम से ज्यादा मायने निवेश का समय रखता है। ₹1,000 की SIP में 25 वर्षों में आपकी जेब से कुल जमा रकम सिर्फ ₹3 लाख जाती है। लेकिन कम्पाउंडिंग की वजह से आपको मिलने वाला रिटर्न ₹15.97 लाख से अधिक होता है, जिससे कुल फंड करीब ₹19 लाख बन जाता है।
SIP शुरू करते समय ध्यान रखें ये बातें
आप जितनी कम उम्र में निवेश शुरू करेंगे, कम्पाउंडिंग का फायदा उतना ही ज्यादा मिलेगा। जैसे-जैसे आपकी आय बढ़े, अपनी SIP की रकम में हर साल 5% या 10% की बढ़ोतरी करें। इससे आपका फंड उम्मीद से बहुत जल्दी बड़ा हो जाएगा। बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराकर अपनी SIP बंद न करें। मंदी के समय में आपको ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं, जो तेजी आने पर बड़ा फायदा देती हैं।
डिस्कलेमर: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन हैं। यहां दी गई गणना 12% के अनुमानित सालाना रिटर्न पर आधारित है। वास्तविक रिटर्न बाजार के प्रदर्शन के आधार पर कम या ज्यादा हो सकता है।