सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) की पहली किस्त के निवेशकों ने शानदार मुनाफा कमाया है। यह किस्त अब मैच्योर होने जा रही है। 30 नवंबर को मैच्योर होने वाली इस किस्त ने निवेशकों को 10.88 फीसदी CAGR रिटर्न दिया है। RBI के नोटिफिकेशन के मुताबिक, एसजीबी की हर यूनिट के फाइनले रिडेम्प्शन के लिए कीमत 6,132 रुपये होगी। यह 20-24 नवंबर, 2023 के हफ्ते में गोल्ड के सिंपल एवरेज क्लोजिंग प्राइस पर आधारित है। पहली किस्त में निवेशकों को 2015 में प्रति ग्राम 2,684 रुपये की कीमत पर गोल्ड बॉन्ड जारी किए गए थे। एसजीबी में निवेश पर निवेशकों को इस रिटर्न के अलावा सालाना 2.75 फीसदी का इंटरेस्ट भी मिला है। बाद में आए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की किस्त में इंटरेस्ट रेट घटाकर 2.5 फीसदी कर दिया गया था।
एसजीबी सरकारी सिक्योरिटीज है, जिसे RBI की तरफ से निवेशकों को जारी किया जाता है। यह फिजिकल गोल्ड का एक विकल्प है। एसजीबी को मैच्योरिटी से पहले भी इनकैश किया जा सकता है। इसे जारी करने की तारीख से 5 साल पूरे होने पर इनकैश कराने की इजाजत है। डीमैट में रखे जाने पर इसकी ट्रेडिंग स्टॉक एक्सचेंजों पर हो सकती है। यह किसी दूसरे इनवेस्टर को भी ट्रांसफर किया जा सकता है।
SGB का मैच्योरिटी पीरियड क्या है?
इसका मैच्योरिटी पीरियड 8 साल है। मैच्योरिटी पर निवेशकों को गोल्ड की मार्केट वैल्यू के आधार पर पैसे लौटाए जाते हैं। इसकी खासियत यह है कि इसमें निवेश करने पर मेकिंग चार्ज नहीं देना पड़ता है। साथ ही गोल्ड की शुद्धता को लेकर भी किसी तरह की चितंता नहीं होती है।
सालाना कितना इंटरेस्ट मिलता है?
एसजीबी में निवेश पर इनवेस्टर को हर साल सरकार इंटरेस्ट भी देती है। पहली किस्त में इंटरेस्ट रेट 2.75 फीसदी था। इसका पेमेंट छमाही आधार पर किया जाता है। इंटरेस्ट रेट बदलता रहता है। सरकार एसीजीबी की किस्त के इंटरेस्ट रेट में बदलाव कर सकती है। अभी एसजीबी का इंटरेस्ट रेट 2.5 फीसदी है। पिछले कुछ समय से यह इसी लेवल पर है।
कम से कम कितना निवेश किया जा सकता है?
एसजीबी की किस्त में निवेशकों को एक ग्राम और इसके मल्टीपल में गोल्ड बॉन्ड जारी किए जाते हैं। इसमें कम से कम एक ग्राम में निवेश करना जरूरी है। निवेश की मैक्सिमम लिमिट 4 किलोग्राम है।