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ATM से अब आसानी से निकालें ₹10, ₹20 और ₹50 के नोट, RBI का नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू, आम लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

RBI Pilot Project: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक अहम कदम उठाया है। अब देशभर में चुनिंदा एटीएम से आप ₹10, ₹20 और ₹50 के छोटे नोट भी निकाल सकेंगे। यह सुविधा फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है, लेकिन आने वाले समय में इसे बड़े पैमाने पर लागू करने की योजना है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Mar 13, 2026 पर 2:56 PM
ATM से अब आसानी से निकालें ₹10, ₹20 और ₹50 के नोट, RBI का नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू, आम लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे नोटों की तलाश एक आम परेशानी बन चुकी है। चाय की दुकान पर, ऑटो भाड़ा भरते वक्त या लोकल बाजार में खरीदारी के दौरान लोग अक्सर 10, 20 या 50 रुपये के नोटों की कमी महसूस करते हैं। इस समस्या का समाधान लाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर दिया है, जिसमें एटीएम से इन छोटे मूल्य के नोट निकालना संभव हो सकेगा। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में दिए गए लिखित जवाब में इसकी जानकारी दी।

पारंपरिक एटीएम मशीनों से ज्यादातर 100, 200 या 500 रुपये के नोट ही निकलते रहे हैं, जिससे छोटे लेन-देन में असुविधा होती थी। अब आरबीआई ने 'स्मॉल वैल्यू डिस्पेंसर' नामक विशेष मशीनों का परीक्षण शुरू किया है। ये छोटे-आकार की मशीनें खासतौर पर 10, 20 और 50 रुपये के नोट देने के लिए डिजाइन की गई हैं। मुंबई जैसे शहरों में इसका ट्रायल चल रहा है और सफल होने पर इसे देशभर में फैलाया जाएगा। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो डिजिटल पेमेंट पर कम निर्भर हैं।

मंत्री चौधरी ने स्पष्ट किया कि देश में इन नोटों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने संसद में उपलब्ध कराए आंकड़ों से बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में फरवरी तक 10 रुपये के 43,940 लाख, 20 रुपये के 19,370 लाख और 50 रुपये के 13,030 लाख नोट छापे जा चुके हैं। पिछले वर्षों की तुलना में उत्पादन बढ़ा है 10 रुपये के नोट FY 2022-23 के 6,000 लाख से दोगुना से ज्यादा हो गया। मांग को नोटों, सिक्कों और डिजिटल भुगतान से पूरा किया जा रहा है। आरबीआई लगातार अर्थव्यवस्था की जरूरत के हिसाब से नोटों का मिश्रण तय करता रहता है।

यह कदम उन लाखों भारतीयों के लिए वरदान साबित हो सकता है, जो ग्रामीण इलाकों या छोटे व्यापार में कैश पर निर्भर हैं। कल्पना कीजिए, जब आप बाजार से सब्जी लौटें और एटीएम से सीधे सही रकम निकाल सकें—बिना दुकानदार से मिन्नत करने की जरूरत पड़े। हालांकि, पूर्ण लागू होने में समय लगेगा, लेकिन पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो छुट्टे पैसे की मार कट जाएगी। सरकार का यह प्रयास डिजिटल इंडिया के साथ-साथ कैश इकोनॉमी को भी मजबूत बनाएगा।

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