Ashadha Gupt Navratri 2026: हिंदी कैलेंडर में पूरे वर्ष में चार नवरात्रि पर्व आते हैं। हिंदू वर्ष की शुरुआत चैत्र नवरात्रि से होती है। इसके अलावा शारदीय नवरात्रि का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इनके अलावा आषाढ़ और माघ मास में भी नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है, जिसे गुप्त नवरात्रि कहते हैं। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों के साथ ही देवी की दस महाविद्याओं की साधना की जाती है।
मान्यता है कि इन नौ दिनों में देवी की दस महाविद्याओं की साधना करने से अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है। मां दुर्गा के भक्त नौ दिनों की इस अवधि में विधि-विधान से उनकी पूजा करते हैं। वहीं अघोरी, तांत्रिक तंत्र मंत्र और सिद्धि प्राप्त करते हैं। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। आइए जानें इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कब से शुरू हो रही है, घटस्थापना का मुहूर्त कितनी देर का है और इसका क्या महत्व है।
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की तारीख और समय
इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का आरंभ 15 जुलाई, बुधवार से हो रहा है। 14 जुलाई, मंगलवार के दिन दोपहर के 3 बजकर 14 मिनट पर आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा तिथि का आरंभ होगा, जो अलगे दिन यानी 15 जुलाई को सुबह 11 बजकर 52 मिनट कर व्याप्त रहेगी। उदया तिथि के अनुसार, 15 जुलाई से ही आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होगी। वहीं, 22 जुलाई, बुधवार के दिन नवमी तिथि रहेगी जिसके साथ ही आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का समापन होगा।
गुप्त नवरात्रि का धार्मिक महत्व
गुप्त नवरात्रि में भी मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। लेकिन गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से तांत्रिक साधना, मंत्र सिद्धि और दस महाविद्याओं की गुप्त रूप से साधना करने के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है।