Ashadha Gupt Navratri 2026: आषाढ़ की गुप्त नवरात्रि इस दिन से होगी शुरू, आइए जानें घटस्थापना के लिए मिलेगा कितनी देर का मुहूर्त

Ashadha Gupt Navratri 2026: पूरे वर्ष में माघ मास और आषाढ़ में दो गुप्त नवरात्रि आती है। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का आरंभ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होता है। इस दौरान देवी की दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। आइए जानें की इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कब से शुरू हो रही है

अपडेटेड Jul 05, 2026 पर 7:00 AM
इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का आरंभ 15 जुलाई, बुधवार से हो रहा है।

Ashadha Gupt Navratri 2026: हिंदी कैलेंडर में पूरे वर्ष में चार नवरात्रि पर्व आते हैं। हिंदू वर्ष की शुरुआत चैत्र नवरात्रि से होती है। इसके अलावा शारदीय नवरात्रि का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इनके अलावा आषाढ़ और माघ मास में भी नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है, जिसे गुप्त नवरात्रि कहते हैं। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों के साथ ही देवी की दस महाविद्याओं की साधना की जाती है।

मान्यता है कि इन नौ दिनों में देवी की दस महाविद्याओं की साधना करने से अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है। मां दुर्गा के भक्त नौ दिनों की इस अवधि में विधि-विधान से उनकी पूजा करते हैं। वहीं अघोरी, तांत्रिक तंत्र मंत्र और सिद्धि प्राप्त करते हैं। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। आइए जानें इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कब से शुरू हो रही है, घटस्थापना का मुहूर्त कितनी देर का है और इसका क्या महत्व है।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की तारीख और समय

इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का आरंभ 15 जुलाई, बुधवार से हो रहा है। 14 जुलाई, मंगलवार के दिन दोपहर के 3 बजकर 14 मिनट पर आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा तिथि का आरंभ होगा, जो अलगे दिन यानी 15 जुलाई को सुबह 11 बजकर 52 मिनट कर व्याप्त रहेगी। उदया तिथि के अनुसार, 15 जुलाई से ही आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होगी। वहीं, 22 जुलाई, बुधवार के दिन नवमी तिथि रहेगी जिसके साथ ही आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का समापन होगा।

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में घटस्थापना 15, जुलाई को ही की जाएगी। इस दिन पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन सुबह 8 बजकर 2 मिनट पर हर्षण योग का संयोग बन रहा है, इसलिए ये समय घट स्थापना के लिए सर्वोत्तम होगा। इसके उपरांत वज्र योग लग जाएगा। वैसे इस दिन घटस्थापना सुबह 06:01 बजे से सुबह 10:17 बजे के बीच कर सकते हैं। इसके लिए लगभग 4 घंटे 16 मिनट की अवधि मिल रही है।


गुप्त नवरात्रि का धार्मिक महत्व

गुप्त नवरात्रि में भी मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। लेकिन गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से तांत्रिक साधना, मंत्र सिद्धि और दस महाविद्याओं की गुप्त रूप से साधना करने के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

देवी की दस महाविद्याएं 

  • कमलात्मिका
  • तारा
  • बगलामुखी
  • काली
  • त्रिपुर सुंदरी
  • धूमावती
  • भैरवी
  • भुवनेश्वरी
  • मातंगी
  • छिन्नमस्ता

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