Ganesh Chaturthi 2026 Kalash Sthapana: बप्पा के स्वागत में जरूर रखें कलश, स्थापना से पहले कलश में जरूर डालें ये चीजें

Ganesh Chaturthi 2026 Kalash Sthapana: गणेश चतुर्थी का पर्व हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। घरों से लेकर पंडालों तक में इस दिन बप्पा की मूर्ति की स्थापना की जाती है। गणपति पूजा में कलश भी स्थापित किया जाता है। आइए जानें कलश में क्या चीजें डालते हैं

अपडेटेड Sep 12, 2026 पर 8:36 PM
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इस बार गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर दिन सोमवार को मनाया जाएगा।

Ganesh Chaturthi 2026 Kalash Sthapana: देश में इस समय गौरी पुत्र गणेश के स्वागत की तैयारियां चल रही हैं। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विघ्नहर्ता गणेश अपने भक्तों के बीच धरती पर पधारते हैं और अनंत चतुर्दशी तक रहते हैं। भगवान गणेश के जन्मोत्सव का पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन घरों और पंडालों में विधि-विधान से गणपति बप्पा की स्थापना की जाती है। इस बार गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर दिन सोमवार को मनाया जाएगा। गणपति स्थापना की पूजा में मूर्ति के साथ कलश स्थापना का भी विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कलश शुभता, समृद्धि और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। आप अगर गणेशजी की स्थापना करने जा रहे हैं, तो पहले यह जान लें कि गणेश चतुर्थी के पर्व में कलश क्यों जरूरी है और इसमें किन 7 चीजों को रखा जाता है

गणेश चतुर्थी 2026: कलश स्थापना

हिंदू पूजा पद्धति में कलश को देवताओं का प्रतीक माना जाता है। गणेशजी की स्थापना से पहले पूजा स्थल की शुद्धि करके कलश स्थापित किया जाता है। सामान्यतः मिट्टी, तांबे या पीतल के कलश में जल भरकर उसके ऊपर आम या अशोक के पत्ते और नारियल रखा जाता है। मान्यता है कि कलश में जल जीवन और ऊर्जा का प्रतीक है, जबकि नारियल पूर्णता और शुभता का प्रतीक माना जाता है। गणेश चतुर्थी पर गणपति स्थापना के दौरान कलश को भगवान गणेश के समीप रखा जाता है।

गणेश चतुर्थी 2026 पर कलश स्थापना विधि

गणेश स्थापना के समय पूजा स्थल को साफ करके चौकी पर कलश रखें। कलश में शुद्ध जल भरें और उसमें अक्षत, गंगाजल, सुपारी व सिक्का डालें। कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते रखें और ऊपर नारियल स्थापित करें। कलश के पास भगवान गणेश की मूर्ति रखें। इसके बाद कलश और गणपति का विधिवत पूजन करें। हालांकि कलश स्थापना की विधि और उसमें रखी जाने वाली सामग्री अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों की धार्मिक परंपराओं के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है।

कलश में रखी जाने वाली 7 चीजें


  • स्वच्छ जल
  • अक्षत यानी चावल
  • सुपारी
  • सिक्का
  • गंगाजल
  • आम या अशोक के पत्ते
  • नारियल

गणेश महोत्सव की प्रमुख तिथियां

14 सितंबर 2026, सोमवार – गणपति स्थापना और गणेश चतुर्थी

15 सितंबर, मंगलवार – गणपति पूजा और दैनिक आरती

16 सितंबर, बुधवार – गणपति पूजा

17 सितंबर, गुरुवार – गणपति पूजा

18 सितंबर, शुक्रवार – गणपति पूजा

19 सितंबर, शनिवार – गणपति पूजा

20 सितंबर, रविवार – गणपति पूजा

21 सितंबर, सोमवार – गणपति पूजा

22 सितंबर, मंगलवार – गणपति पूजा

23 सितंबर, बुधवार – गणपति पूजा

24 सितंबर, गुरुवार – उत्सव का अंतिम दिन/विसर्जन की तैयारी

25 सितंबर 2026, शुक्रवार – अनंत चतुर्दशी और गणपति विसर्जन

गणेश चतुर्थी पर्व का महत्व

प्रथमपूज्य भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता कहा जाता है। हिंदू धर्म हर शुभ और मांगलिक कार्य गणेश भगवान की पूजा से शुरू होता है। माना जाता है, भगवान गणेश की पूजा करने से कार्य में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। गणेश चतुर्थी पर घर में गणपति की स्थापना करना श्रद्धालुओं के लिए भगवान के स्वागत का प्रतीक है। 10 दिन तक चलने वाले इस पर्व का समापन भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि यानी अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन के साथ हो जाता है। गणपति स्थापना केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि परिवार में सुख-शांति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा की कामना से जुड़ी परंपरा भी है।

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