Janmashtami 2026 Tulsi Upay: आज कान्हा के जन्मोत्सव पर तुलसी के कुछ उपाय चमका सकते हैं आपकी किस्मत, मां लक्ष्मी होगी कृपा

Janmashtami 2026 Tulsi Upay: आज पूरे देश में धूमधाम से जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। हर तरफ कान्हा के जन्म की तैयारियां की जा रही हैं। आज के इस पावन अवसर पर तुलसी से जुड़े कुछ उपाय आपकी किस्मत चमका सकते हैं। आइए जानें मां लक्ष्मी की कृपा पाने वाले यह उपाय

अपडेटेड Sep 04, 2026 पर 7:10 PM
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कान्हा को तुलसीदल अत्यंत प्रिय है और उनके बिना लड्डू गोपाल का कोई भी भोग अधूरा माना जाता है।

Janmashtami 2026 Tulsi Upay: हमारे देश में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह दिन धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से जितना महत्वूर्ण है उतना ही ज्योतिषीय दृष्टि से भी अहम है। माना जाता है इस दिन तुलसी से जुड़े कुछ उपाय करने से किस्मत के दरवाजे खुल सकते हैं और मां लक्ष्मी की कृपा से जीवन से कंगाली दूर हो सकती है।

कान्हा को तुलसीदल अत्यंत प्रिय है और उनके बिना लड्डू गोपाल का कोई भी भोग अधूरा माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के बिना कान्हा की पूजा अधूरी मानी जाती है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन तुलसी से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने से घर में सुख, समृद्धि और मां लक्ष्मी व भगवान विष्णु का आशीर्वाद बना रहता है। वहीं, इस दिन तुलसी से जुड़ी कुछ भूल करने से बचना भी आवश्यक है।

जन्माष्टमी पर तुलसी को लाल चुनरी ओढ़ाएं : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन तुलसी जी को नई लाल चुनरी ओढ़ाने और उनके तने में कलावा बांधने से मनोकामना पूरी होती है और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

श्रीकृष्ण के भोग में तुलसी अर्पित करें : जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को पंजीरी, माखन-मिश्री या पंचामृत का भोग लगाते समय उसमें तुलसी का पत्ता अवश्य रखें। मान्यता है कि तुलसी के बिना श्रीकृष्ण भोग स्वीकार नहीं करते।

तुलसी की मंजरी का उपाय : यदि तुलसी के पौधे पर मंजरी आई हुई है, तो जन्माष्टमी के दिन थोड़ी सी मंजरी तोड़कर भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अर्पित करें। ऐसा करने से धन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।

वैवाहिक जीवन में मधुरता के लिए : यदि पति-पत्नी के बीच तनाव रहता है, तो जन्माष्टमी के दिन तुलसी के पौधे के पास बैठकर राधा-कृष्ण का ध्यान करें और तुलसी जी को सुहाग की सामग्री अर्पित करें।


तुलसी की परिक्रमा और दीपक : जन्माष्टमी की शाम को तुलसी के पौधे के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं और ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते हुए तुलसी जी की 11 या 21 बार परिक्रमा करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-शांति आती है।

इन गलतियों से बचना भी है जरूरी

  • जन्माष्टमी या किसी भी बड़े पर्व/रविवार/एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित माना गया है। पूजा या भोग के लिए तुलसी एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें या स्वयं गिरे हुए पत्तों का उपयोग करें।
  • बिना स्नान किए या अशुद्ध वस्त्र पहनकर तुलसी के पौधे को स्पर्श न करें।
  • तुलसी के पत्ते कभी बासी नहीं माने जाते, फिर भी ध्यान रखें कि पत्ता खंडित न हो।
  • जहां तुलसी का पौधा लगा हो, वहां जूते-चप्पल, झाड़ू या कूड़ा न रखें। जन्माष्टमी के दिन तुलसी के आसपास की जगह को अच्छी तरह साफ रखें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

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