Get App

Jitiya Kab Hai 2026: अपनी संतान की खुशहाली के लिए माताएं इस दिन रखेंगी जीतिया व्रत, जानें इस निर्जला व्रत की तारीख, मुहूर्त और पारण समय

Jitiya Kab Hai 2026: हिंदू धर्म में जीतिया व्रत का अहम स्थान है। यह व्रत माताएं अपनी संतान की सुरक्षा, अच्छे स्वास्थ्य और संपन्नता के लिए रखती हैं। इसे हिंदू धर्म के सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। आइए जानें इस साल जीतिया व्रत किस दिन किया जाएगा और इसका पारण कब होगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 16, 2026 पर 7:52 PM
Jitiya Kab Hai 2026: अपनी संतान की खुशहाली के लिए माताएं इस दिन रखेंगी जीतिया व्रत, जानें इस निर्जला व्रत की तारीख, मुहूर्त और पारण समय
जितिया व्रत आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को किया जाता है।

Jitiya Kab Hai 2026: जितिया व्रत को जीवित्पुत्रिका व्रत या जिउतिया व्रत के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को किया जाता है। जीतिया व्रत हिंदू धर्म के सबसे कठिन और प्रभावशाली व्रतों में से एक माना जाता है क्यों इसमें व्रत 24 घंटे से अधिक समय तक निर्जला उपवास करती हैं। माताएं यह व्रत अपनी संतान की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए करती हैं। यह पर्व विशेष रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में बहुत श्रद्धा से मनाया जाता है।

जीतिया व्रत तीन दिवसीय पर्व है, जिसकी शुरुआत सप्तमी तिथि को नहाय-खाय से होती है। अगले दिन यानी अष्टमी को निर्जला उपवास होता है और नवमी के दिन इस व्रत का पारण किया जाता है। छठ पर्व की तरह इसमें भी कठोर नियमों और अनुष्ठानों का पालन किया जाता है। इस दिन गन्धर्व राजकुमार जीमूतवाहन की पूजा की जाती है। साथ ही चील और सियारिन की प्रतीक आकृतियों का पूजन करने की परंपरा है।

जितिया 2026 तारीख

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल जितिया व्रत के लिए जरूरी आश्विन कृष्ण अष्टमी तिथि का प्रारंभ 3 अक्टूबर को सुबह में 7 बजकर 59 मिनट पर हो रहा है। यह तिथि अगले दिन 4 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 51 मिनट तक मान्य रहेगी। प्रदोष काल के पूजा मुहूर्त के आधार पर जितिया का व्रत 3 अक्टूबर दिन शनिवार को रखा जाएगा।

जितिया 2026 मुहूर्त

इस साल जितिया व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:38 ए एम से लेकर 05:26 ए एम तक रहेगा। यह समय स्नान के लिए सबसे उत्तम होता है। उस दिन का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 46 ए एम से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा।

जितिया के दिन सूर्यास्त शाम को 6 बजकर 5 मिनट पर होगा। जितिया की प्रदोष पूजा शाम 06:05 बजे से की जाएगी। निशिता मुहूर्त रात में 11 बजकर 46 मिनट से देर रात 12 बजकर 35 ए एम तक है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें