Pitru Paksha 2026 Start Date: सर्वार्थ सिद्धि योग में इस तारीख से शुरू होगा पितृ पक्ष, जानें प्रतिपदा श्राद्ध की सही तारीख और कुतुप मुहूर्त

Pitru Paksha 2026 Start Date: हिंदू धर्म में श्राद्ध पक्ष का विशेष स्थान है। यह 15-16 दिनों की अवधि भाद्रपद पूर्णिमा तिथि से शुरू होती है। पंचांग के अनुसार इस साल पितृ पक्ष सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू हो रहे हैं। आइए जानें इसकी सही तारीख और प्रतिपदा श्राद्ध में कुतुप मुहूर्त कब से कब तक रहेगा

अपडेटेड Sep 08, 2026 पर 10:46 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
पितृ पक्ष की शुरुआत भाद्रपद माह की पूर्णिमा या आश्विन कृष्ण प्रतिपदा से मानी जाती है।

Pitru Paksha 2026 Start Date: पितृ पक्ष पूरे हिंदू वर्ष की वह 15-16 दिनों की अवधि होती है, जब हम अपने पितरों को याद करते हैं। हमारे परिवार के वे सदस्य, जो अब इस दुनिया में नहीं, उनकी आत्मा की शांति के लिए पितृ पक्ष में श्राद्ध और तर्पण आदि कम किए जाते हैं। क्षेत्रीय मान्ताओं और परंपराओं के अनुसार, पितृ पक्ष की शुरुआत भाद्रपद माह की पूर्णिमा या आश्विन कृष्ण प्रतिपदा से मानी जाती है। इसका समापन आश्विन अमावस्या को होता, जिसे सर्वपितृ अमावस्या कहते हैं।

हिंदू धर्म में इस अवधि को शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है। मान्यता है कि श्राद्ध पक्ष के दौरान पितर लोक से पृथ्वी पर आते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। पितृ पक्ष में पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान, पंचबलि कर्म, दान, पूजा, भोज आदि करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से हमारे पूर्वज तृप्त होते हैं, उनको मोक्ष की प्राप्ति होती है। पितरों के आशीर्वाद से संतान और परिवार की उन्नति होती है। जो अकाल मृत्यृ की वजह से प्रेत, पिशाच आदि योनियों में भ्रमण करते हैं, उनको मुक्ति मिलती है।

कब से शुरू होगा पितृ पक्ष 2026?

पंचांग के अनुसार, इस साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 26 सितंबर को रात में 10 बजकर 18 मिनट पर शुरू हो रही है और 27 सितंबर को रात में 08 बजकर 58 मिनट पर खत्म होगी। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर पितृ पक्ष का प्रारंभ 27 सितंबर दिन रविवार को होगा।

सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू होगा पितृ पक्ष

इस साल पितृ पक्ष का प्रारंभ सर्वार्थ सिद्धि योग में हो रहा है। प्रतिपदा श्राद्ध के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह में 6:12 बजे से लेकर सुबह 11:08 बजे तक रहेगा। इस योग में किए गए कार्य सफल होते हैं। पितृ पक्ष के पहले दिन वृद्धि योग प्रात:काल से लेकर सुबह 11:17 ए एम तक रहेगा, उसके बाद ध्रुव योग बनेगा। वृद्धि योग में आप जो काम करते हैं, उसके पुण्य फल में बढ़ोत्तरी होती है।


प्रतिपदा श्राद्ध 2026

27 सितंबर को पितृ पक्ष की प्रतिपदा श्राद्ध है। इस दिन उन पितरों का श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान आदि करते हैं, जिनका किसी भी माह की प्रतिपदा तिथि को देहांत हुआ होता है।

प्रतिपदा श्राद्ध का कुतुप मुहूर्त

प्रतिपदा श्राद्ध के दिन पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान आदि कुतुप मुहूर्त में किया जाता है। उस दिन कुतुप मुहूर्त 11:48 ए एम से दोपहर 12:36 पी एम तक है। यह 48 मिनट का समय होता है। वहीं रौहिण मुहूर्त दोपहर में 12:36 पी एम से लेकर दोपहर 01:24 पी एम तक है। इसकी अवधि भी 48 मिनट की होती है।

पितृ पक्ष का महत्व क्या है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मनुष्यों पर तीन ऋण होते हैं, देव ऋण, पितृ ऋण और ऋषि ऋण। मनुष्य का इन तीनों ऋण से मुक्त होना जरूरी है। पितृ ऋण के लिए हमेश अपने पितरों का श्राद्ध करना होता है। इसके लिए पितृ पक्ष, अमावस्या, पूर्णिमा का दिन है। जिस तिथि पर माता-पिता का निधन हुआ हो, पितृ पक्ष में उस तिथि पर उनके लिए तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान, दान आदि करने से वे तृप्त हो जाएंगे।

Bhaum pradosh vrat 2026: भौम प्रदोष व्रत आज, मंगल दोष से छुटकारा पाने के लिए भगवान शिव को अर्पित करें ये खास चीजें

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।