September Ekadashi Vrat Date: सितंबर में किया जाएगा अजा एकादशी और परिवर्तनी एकादशी का व्रत, जानें दोनों की सही तारीख और पारण समय

September Ekadashi Vrat Date: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को अत्यंत पवित्र माना जाता है। हर हिंदू माह की तरह भाद्रपद माह में भी दो एकादशी व्रत, अजा एकादशी और परिवर्तनी एकादशी का व्रत किया जाता है। आइए जानें सितंबर माह में इन दोनों एकादशी तिथियों का व्रत किस दिन किया जाएगा

अपडेटेड Sep 01, 2026 पर 8:02 PM
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हर माह की तरह भाद्रपद माह की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को यह व्रत किया जाएगा।

September Ekadashi Vrat Date: हिंदू कैलेंडर के प्रत्येक माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को एकादशी व्रत किया जाता है। प्रत्येक माह 2 एकादशी व्रत को देखते हुए साल में कुल 24 एकादशी आती हैं। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है और इस व्रत का श्री हरि की कृपा पाने के सबसे सरल उपायों में से एक माना जाता है। माना जाता है कि एकादशी व्रत करने से जातक को सुख-समृद्धि मिलने के साथ ही अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। हर माह की तरह भाद्रपद माह की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को यह व्रत किया जाएगा। आइए जानें सितंबर माह में आने वाले एकादशी व्रत किस दिन किए जाएंगे।

सितंबर 2026 में दो एकादशी व्रत आएंगे

अजा एकादशी : 7 सितंबर 2026, सोमवार, भाद्रपद कृष्ण पक्ष

अजा एकादशी का पारण : 8 सितंबर 2026

परिवर्तिनी एकादशी : 22 सितंबर 2026, मंगलवार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष

परिवर्तिनी एकादशी का पारण : 23 सितंबर 2026


अजा एकादशी व्रत 2026

भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। इस साल यह व्रत 7 सितंबर 2026 को किया जाएगा। भाद्रपद कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि 6 सितंबर 2026 को शाम 07:29 बजे से प्रारंभ होगी और 7 सितंबर 2026 को शाम 05:03 बजे समाप्त होगी। इस व्रत का पारण 8 सितंबर 2026 को सुबह 06:02 से 08:33 के बीच कर सकेंगे।

महत्व और धार्मिक मान्यता

अजा एकादशी का व्रत रखने से समस्त पापों का नाश होता है और व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा हरिश्चंद्र ने अपने खोए हुए राज-पाट, परिवार और मान-सम्मान को पुनः प्राप्त करने के लिए महर्षि गौतम के कहने पर यही व्रत किया था।

परिवर्तिनी एकादशी 2026 

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चातुर्मास के दौरान योगनिद्रा में लीन भगवान श्री हरि विष्णु इस दिन करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं। इस साल यह व्रत 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा। भाद्रपद शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि 21 सितंबर 2026 को रात 10:15 बजे से प्रारंभ होकर 22 सितंबर 2026 को रात 08:40 बजे समाप्त होगी। इस व्रत का पारण 23 सितंबर 2026 (बुधवार) को सुबह 06:10 से 08:35 के बीच कर सकते हैं।

महत्व और धार्मिक मान्यता

इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से वाजपेय यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है और अनजाने में हुए सभी पाप मिट जाते हैं।

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