Shardiya Navratri 2026: अक्टूबर में शारदीय नवरात्रि इस दिन होगी शुरू, नोट करें नवरात्रि की सभी तिथियां और कलश स्थापना का मुहूर्त

Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि का पर्व आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होता है। इस दिन मां दुर्गा अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए उनके बीच आती हैं । आइए जानें 9 दिन चलने वाला यह पर्व कब से शुरू होगा, इसकी सभी तिथियां और कलश स्थापना का शुभ मुहुर्त क्या होगा

अपडेटेड Sep 07, 2026 पर 3:04 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
इसमें मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाती है।

Shardiya Navratri 2026: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि सबसे प्रमुख और पवित्र त्योहारों में से एक है। यह पर्व आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर 9 दिनों तक चलता है। इसमें मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों (नवदुर्गा) की उपासना की जाती है। इस पर्व की शुरुआत प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना के साथ ही जाती है। बहुत से भक्त पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ नौ दिनों का उपवास भी करते हैं। माना जाता है मां दुर्गा का आगमन संसार में सकारात्मकता का संचार करता है और रोग-दोष को दूर करता है। आइए जानें इस साल शारदीय नवरात्रि कब से शुरू हो रहे हैं।

शारदीय नवरात्रि 2026 कब से शुरू होंगे

नवरात्रि प्रारंभ एवं घटस्थापना : 11 अक्टूबर 2026 (रविवार)

कलश स्थापना शुभ मुहूर्त : सुबह 06:19 बजे से 10:12 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक

दुर्गा अष्टमी व महानवमी : 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार)


विजयदशमी (दशहरा): 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार)

मां दुर्गा का आगमन और महत्व

इस वर्ष नवरात्रि की शुरुआत रविवार के दिन से हो रही है, इसलिए शास्त्रों के अनुसार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है, जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है और यह अच्छी वर्षा व समृद्धि का प्रतीक है।

शारदीय नवरात्रि 2026 तिथियां और दिन

  • 11 अक्टूबर पहला दिन मां शैलपुत्री
  • 12 अक्टूबर दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी
  • 13 अक्टूबर तीसरा दिन मां चंद्रघंटा
  • 14 अक्टूबर चौथा दिन मां कूष्मांडा
  • 15 अक्टूबर पांचवां दिन मां स्कंदमाता
  • 16 अक्टूबर छठा दिन मां कात्यायनी
  • 17 अक्टूबर सातवां दिन मां कालरात्रि
  • 18 अक्टूबर आठवां दिन मां महागौरी
  • 19 अक्टूबर नौवां दिन मां सिद्धिदात्री

संक्षिप्त पूजन विधि

प्रातःकाल स्नान के बाद संकल्प लेकर ईशान कोण में कलश/घट की स्थापना करें, जौ बोएं और अखंड ज्योति प्रज्वलित करें।

प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ, मंत्र जाप और आरती करें।

अष्टमी या नवमी तिथि के दिन 9 कन्याओं और एक बटुक (भैरव रूप) को भोजन कराकर आशीर्वाद प्राप्त करें।

Bhadrapad Amavasya 2026 Upay: सितंबर में आने वाली दर्श अमावस्या पर पितरों के आशीर्वाद के लिए जरूर करें ये उपाय, जानें सही तारीख

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।