Harmanpreet Kaur Captaincy: हरमनप्रीत ने छोड़ी महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी, जानें तीनों फॉर्मेट में 9000 से ज्यादा रन बनाने वाली इस कैप्टन का सफर
Harmanpreet Kaur Captaincy: हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला कर लिया है। इसकी जानकारी उन्होंने एक भावुक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। आइए जानें क्रिकेट टीम में उनके सफर के बारे में
MoneyControl News
अपडेटेड Oct 06, 2026 पर 4:00 PM
इस फैसले की जानकारी उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट के जरिए दी।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत से टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। इस फैसले की जानकारी उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट के जरिए दी। इसमें उन्होंने कहा कि टीम के लिए उन्होंने अपना खेल, समय और निजी महत्वाकांक्षाएं तक पीछे रखीं। हरमनप्रीत ने कहा कि यह उनके लिए आसान फैसला नहीं था, क्योंकि इस सफर में यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल जुड़े हैं, जो जिंदगी भर उनके साथ रहेंगे।
37 साल की हरमनप्रीत ने अपने संदेश में बताया कि उन्होंने भारतीय टीम और महिला क्रिकेट के लिए अपना सबकुछ दिया। इसमें सिर्फ मैदान पर बहाया पसीना ही नहीं, बल्कि उनका समय और कई बार उनके अपने खेल और निजी महत्वाकांक्षाओं का हिस्सा भी शामिल था। इस सफर के दौरान कई ऐसे मौके भी आए जब उन्होंने टीम के लिए अपने निजी प्रदर्शन, अपने विकास और महत्वाकांक्षाओं को भी पीछे रखा।
टीम को बेहतर बनाने से ज्यादा जरूरी कुछ भी नहीं
हरमनप्रीत ने माना कि कप्तान के तौर पर उन्हें कई मुश्किल फैसले लेने पड़े। लेकिन उनका एक ही मकसद था- टीम को बेहतर बनाना और सभी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने, खुद पर भरोसा करने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने का मौका देना था। उन्होंने कहा कि उन्होंने टीम के साथ सबकुछ देखा है। सबसे मुश्किल दौर, दिल तोड़ने वाली हार, आलोचना, सवाल और ऐसे दिन जब कुछ भी टीम के पक्ष में जाता नहीं दिखा. इसके साथ ही उन्होंने जीत की ऊंचाइयां, जश्न, देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व और ऐसे पल भी महसूस किए, जिन्होंने हर त्याग को सार्थक बना दिया।
BCCI सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में गुवाहाटी में हुई बैठक में हरमनप्रीत के अलावा उपकप्तान स्मृति मंधाना और हेड कोच अमोल मजूमदार भी शामिल हुए। इस बैठक में पिछले कुछ महीनों में भारतीय महिला टीम के प्रदर्शन और उसके आगे के सफर की समीक्षा की गई। हरमनप्रीत का कप्तानी छोड़ने का ऐलान इस बैठक के बाद आया।
क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट की कमान संभाली
हरमनप्रीत ने 2016 में टी20 कप्तानी संभाली थी और करीब एक दशक तक इस पद पर रहीं। 2022 में उन्हें वनडे टीम की कप्तानी सौंपी गई और 2023 में वह तीनों फॉर्मेट की कप्तान बन गईं। अब करीब एक दशक लंबे टी20 कप्तानी के सफर और तीन साल के ऑल-फॉर्मेट दौर के बाद उन्होंने कप्तानी की जिम्मेदारी छोड़ने का फैसला किया है।
बीते नवंबर में जीता था पहला वर्ल्ड कप
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने पिछले साल नवंबर में अपना पहला वनडे वर्ल्ड कप जीता और हाल ही में टी20 फॉर्मेट में लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स गोल्ड अपने नाम किया। ऐसे वक्त में कप्तानी छोड़ने का उनका फैसला और भी भावुक नजर आता है। हरमनप्रीत ने कहा कि वह कप्तानी से 'भावनाओं से भरे दिल, लेकिन सुकून के साथ' विदा ले रही हैं। यानी उनके लिए यह सिर्फ जिम्मेदारी छोड़ने का फैसला नहीं, बल्कि उस सफर का एक पड़ाव है, जिसमें टीम ने बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं और अब उन्हें भरोसा है कि यह टीम आगे भी सही दिशा में बढ़ेगी।
बल्ले से भी हरमनप्रीत का बड़ा योगदान
कप्तानी के साथ हरमनप्रीत कौर ने बल्ले से भी भारतीय महिला क्रिकेट को लंबे समय तक मजबूती दी है। टेस्ट में उनके नाम 8 मैचों में 304 रन हैं, जबकि वनडे में उन्होंने 164 मैचों में 4541 रन बनाए हैं। वनडे में उनके नाम 7 शतक और 24 अर्धशतक हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 171 रन है। टी20 इंटरनेशनल में भी हरमनप्रीत का बल्ला खूब चला है। उन्होंने 210 मैचों में 4346 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और 18 अर्धशतक शामिल हैं। यानी तीनों फॉर्मेट में उनके नाम 9000 से ज्यादा इंटरनेशनल रन हैं।
अब दिल में सुकून, कप्तानी से विदाई
हरमनप्रीत ने कहा कि वह आज कप्तानी छोड़ते हुए उनका दिल भावनाओं से भरा हुआ है, लेकिन उनके भीतर सुकून भी है। उन्हें भरोसा है कि भारतीय टीम इस वक्त अच्छी स्थिति में है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि मैंने अपना कर्तव्य निभा दिया है। मैंने इस टीम को अपना सबकुछ दिया. मैंने जिम्मेदारी को गर्व के साथ निभाया और भारतीय महिला क्रिकेट की अगुआई करने का मौका मिलने के लिए हमेशा आभारी रहूंगी।'
अब जिंदगी के अगले पन्ने की ओर बढ़ेंगी
अब हरमनप्रीत अपनी जिंदगी के अगले पन्ने की ओर बढ़ना चाहती हैं। कप्तानी आज खत्म हो रही है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए उनका प्यार कभी खत्म नहीं होगा। हरमनप्रीत ने अपने संदेश का अंत भी बेहद दमदार अंदाज में किया- 'खून, पसीना, त्याग, गर्व. मैंने अपना सबकुछ दिया। अब मैं फिर से सिर्फ खेल के प्यार के लिए खेलने को तैयार हूं। कप्तानी खत्म होती है, सफर जारी रहता है।'
कप्तानी का दौर खत्म, सफर नहीं
हरमनप्रीत के इस फैसले के साथ भारतीय महिला क्रिकेट में एक लंबे कप्तानी दौर का अंत हो गया है। वैसे कप्तानी छोड़ने का मतलब क्रिकेट से विदाई नहीं है। हरमनप्रीत बतौर खिलाड़ी टीम का हिस्सा बनी रह सकती हैं और अब उनके सामने अपने खेल पर नए सिरे से फोकस करने का मौका होगा।