नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा (Pragyan Ojha) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। BCCI ने 19 अक्टूबर 2026 को उन्हें अजीत अगरकर की जगह टीम इंडिया का चीफ सेलेक्टर (Chief Selector) नियुक्त किया। ओझा भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेल चुके हैं और इससे पहले अंतरिम चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उनके सैलरी को लेकर चर्चा हो रही है।
BCCI चीफ सेलेक्टर को होती है इतने करोड़ की कमाई
'द टेलीग्राफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI के चीफ सेलेक्टर की सालाना सैलरी करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस हिसाब से महीने की सैलरी करीब 25 लाख रुपये होती है। हालांकि, बोर्ड ने इस रकम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और प्रज्ञान ओझा के सैलरी की अलग से जानकारी भी सामने नहीं आई है।
पहले इस पोजीशन पर सालाना करीब 1 करोड़ रुपये मिलते थे। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, अजीत अगरकर के चीफ सेलेक्टर बनने के समय सैलरी बढ़ाने की प्लानिंग बनाई गई थी।
अगरकर की जगह पार्थिव पटेल क्यों नहीं बने चीफ सेलेक्टर?
'द टेलीग्राफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, अजीत अगरकर की जगह पार्थिव पटेल के नाम पर भी चर्चा हुई थी, लेकिन उन्होंने इस पोजीशन के लिए आवेदन नहीं किया। रिपोर्ट में इसका कारण फाइनेंशियल बताया गया है। उनके दूसरे प्रोफेशनल कामों को देखते हुए इस पोजीशन की सैलरी उनके लिए सही नहीं थी।
BCCI ने चयन समिति में पूर्व भारतीय क्रिकेटर रमेश पोवार की नियुक्ति की भी पुष्टि की है। रिपोर्ट के मुताबिक, वेस्ट जोन के रिप्रेजेन्टेटिव के तौर पर वसीम जाफर की जगह पोवार को चुना गया। माना जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट के साथ तालमेल बनाकर काम करना इस फैसले की एक अहम वजह रही।