Suchika Tariyal: खेल छोड़ने का बना लिया था मन, फिर ऐसे की MMA में वापसी, 36 की उम्र में ब्रॉन्ज जीत सुचिका तारियाल ने रचा इतिहास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स में MMA में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली सुचिका तारियाल को बधाई दी है। उन्होंने सुचिका की इस उपलब्धि को भारत के लिए खास और ऐतिहासिक बताया। एशियन गेम्स में MMA में भारत का यह पहला पदक है

अपडेटेड Sep 22, 2026 पर 4:15 PM
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एशियन गेम्स 2026 में सुचिका तारियाल की कहानी भारतीय खेलों के लिए खास बन गई

जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत की सुचिका तारियाल ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। एशियन गेम्स में पहली बार MMA को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स में MMA में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली सुचिका तारियाल को बधाई दी है। उन्होंने सुचिका की इस उपलब्धि को भारत के लिए खास और ऐतिहासिक बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एशियन गेम्स में MMA में भारत का यह पहला पदक है, जो सुचिका की मेहनत और समर्पण को दिखाता है। आइए जानते हैं कैसी रही है सुचिका तारियाल की जर्नी

पीएम ने दी बधाई

पीएमओ ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुचिका तारियाल को एशियन गेम्स में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि MMA में भारत का यह पहला एशियन गेम्स पदक है, जो देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने सुचिका की मेहनत, समर्पण और जज्बे की सराहना करते हुए उनके आगे भी कई सफलताएं हासिल करने की कामना की।"


कैसा था मुकाबला

एशियन गेम्स 2026 में सुचिका तारियाल की कहानी भारतीय खेलों के लिए खास बन गई। 36 साल की उम्र में सुचिका तारियाल ने मुश्किल दौर के बाद खेल में शानदार वापसी करते हुए एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए यादगार उपलब्धि हासिल की। जापान के आइची-नागोया में हुए इन खेलों में पहली बार MMA को शामिल किया गया। सुचिका ने महिलाओं की 60 किग्रा कैटेगरी के क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की अल्तांचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराया और ऐतिहासिक मुकाबले में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल पक्का किया।

 

गेम से हटने का बना लिया मन

सुचिका तारियाल की इस उपलब्धि के पीछे उनकी लंबी और चुनौतीपूर्ण खेल यात्रा रही है। वह शुरुआत से MMA खिलाड़ी नहीं थीं, बल्कि कई साल तक जूडो खेलती रहीं। उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2023 एशियन गेम्स में कुराश में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। लेकिन, घुटने की चोट और पर्सनल लाइफ में आए मुश्किल दौर के कारण उन्हें खेल से दूरी बनानी पड़ी। एक समय ऐसा भी आया जब सुचिका ने प्रतियोगी खेलों से पूरी तरह अलग होने का मन बना लिया था। सुचिका तारियाल को MMA में आने के लिए UFC फाइटर पूजा तोमर और पूर्व ONE Championship फाइटर हिमांशु कौशिक ने प्रेरित किया। दोनों ने सुचिका से कहा कि उनकी पुरानी खेल क्षमता MMA में काम आ सकती है और उन्हें इस खेल को एक बार आजमाना चाहिए।

शुरुआत में सुचिका ने दोबारा प्रतियोगी खेलों में लौटने का मन नहीं बनाया था, लेकिन पूजा और हिमांशु के समझाने पर उन्होंने MMA में कदम रखने का फैसला किया। यही फैसला आगे चलकर उनके करियर में बड़ा बदलाव लेकर आया। सुचिका तारियाल का एशियन गेम्स 2026 तक का सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा। 2024 की जिउ-जित्सु वर्ल्ड चैंपियन सुचिका ने टीम हटने के बाद MMA में कदम रखा और अपनी मेहनत से अब एशियन गेम्स में पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

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