Password Leak: भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने 23 जून को एक नोटिस जारी किया। उसमें देश के 16 अरब से ज्यादा Google और Apple यूजर्स के पासवर्ड लीक होने की बात कही गई थी। यह देश के इतिहास में सबसे बड़ा डेटा लीक का मामला बना जिसने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी। सरकार ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए यूजर्स के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इसमें ये बताया गया है कि इस डेटा लीक का क्या असर हो सकता है और स्कैमर्स आपको कैसे निशाना बना सकते हैं। साथ ही इन हमलों से बचने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए।
Google और Apple ID वर्तमान समय में बहुत महत्वपूर्ण ID हैं जिनका उपयोग सोशल मीडिया अकाउंट के साथ इंटरनेट पर लगभग हर जगह होता है। पिछले दिनों CERT-In के नोटिस में बताया गया है कि 16 अरब से ज्यादा लॉगिन क्रेडेंशियल यूजरनेम और पासवर्ड लीक हो गए हैं।
पासवर्ड लीक से कैसे बचें? सरकार ने बताए ये खास उपाय
CERT-In ने यूजर्स और ऑर्गेनाइजेशन दोनों के लिए पासवर्ड सेफ्टी के लिए कई सुझाव दिए हैं, जिससे वे संभावित हैकिंग प्रयासों से बच सकें। यूजर्स के लिए सुझाव:
पासवर्ड बदलें: सबसे पहले और सबसे जरूरी, अपने सभी ऑनलाइन खातों के पासवर्ड तुरंत बदल दें।
पासवर्ड बनाने में इन बातों का रखें ध्यान: ऐसे पासवर्ड बनाए जिन्हें क्रैक करने में हैकर्स के लिए बहुत मुश्किल हों। इनमें बड़े और छोटे अक्षर, संख्याएं और स्पेशल कैरेक्टर (जैसे @, #, $) शामिल होने चाहिए।
मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) ऑन करें: Google Authenticator जैसे ऐप्स का उपयोग करके मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें। यह सुरक्षा की एक अतिरिक्त लेयर जोड़ता है, जिससे यदि हैकर को आपका पासवर्ड पता भी चल जाए तो भी वह आपके अकाउंट तक नहीं पहुंच पाएगा।
पासकी (Passkeys) पर स्विच करें: जहां संभव हो, पासकी का उपयोग करें। यह बायोमेट्रिक सुरक्षा (जैसे फिंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान) का उपयोग करके आपके खातों को सुरक्षित रखता है।
व्यवसायों और संगठनों के लिए सुझाव
जीरो-ट्रस्ट सिक्योरिटी लागू करें जो एक सेफ्टी मॉडल है जिसमें किसी भी यूजर्स या डिवाइस पर तब तक भरोसा नहीं किया जाता जब तक कि उसे पूरी तरह से वेरिफाई न कर लिया जाए, भले ही वह नेटवर्क के अंदर हो। इसके साथ ही किसी भी संभावित खतरे पर लगातार नजर रखें और उस पर तुरंत कार्रवाई करें। सरकार ने ये सुझाव सभी यूजर्स के लिए जारी किया है जिससे वे अपनी डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।