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Spam Messages: मैसेज स्पैम है या काम का? अब आते ही चल जाएगा पता, सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम

Spam: सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने मंगलवार को ये जानकारी दी है कि टेलीकॉम ऑपरेटरों ने SMS हेडर में नए सफिक्स जोड़ना शुरू कर दिया है, जिससे मैसेज भेजने वाले की पहचान और उसके नेचर को समझने में आसानी होगी

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jul 15, 2025 पर 11:04 PM
Spam Messages: मैसेज स्पैम है या काम का? अब आते ही चल जाएगा पता, सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम
हालांकि अभी भी वॉट्सऐप, टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से बढ़ते स्पैम मैसेज पर चिंता बरकरार है

Spam Messages: दिन भर में आपको कई ऐसे मैसेज आते होंगे जिनका आपसे कोई वास्ता तक नहीं होता होगा। कई मैसेज ऐसे आते है जिनमें ऐसे लिंक भी होते है जिन पर क्लिक करते ही आपका फोन हैक भी हो सकता है। मोबाइल यूजर्स की इसी परेशानी को दूर करने के लिए अब एक नया सिस्टम लागू किया गया है जिससे स्पैम और जरूरी SMS की पहचान करना काफी आसान हो जाएगा।

सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने मंगलवार को ये जानकारी दी है कि टेलीकॉम ऑपरेटरों ने SMS हेडर में नए सफिक्स (अक्षर) जोड़ना शुरू कर दिया है, जिससे मैसेज भेजने वाले की पहचान और उसके नेचर प्रकृति को समझने में आसानी होगी।

नए सफिक्स सिस्टम से बढ़ेगी ट्रांसपेरेंसी

COAI के महानिदेशक एस.पी. कोचर ने बताया कि सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर प्रमोशनल मैसेज के लिए शुरुआत में 'P', सर्विस-रिलेटेड मैसेज के लिए 'S', ट्रांजैक्शनल के लिए 'T' और गवर्नमेंट से जुड़े मैसेज के लिए 'G' सफिक्स लगाने का सिस्टम लागू किए है। यह कदम 12 फरवरी, 2025 से प्रभावी संशोधित टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशन कस्टमर प्रेफरेंस रेगुलेशन (TCCCPR) के तहत उठाया गया है।

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