करोड़ों की नौकरी को कहा ना! Meta का पैकेज भी नहीं डिगा सका IIT बॉम्बे के इस इंजीनियर का इरादा, जानिए क्यों

यह पोस्ट देखते ही देखते X पर तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों ने करोड़ों रुपये की नौकरी छोड़कर अपना स्टार्टअप शुरू करने के फैसले के लिए ऋषभ अग्रवाल की जमकर तारीफ की। जब यह चर्चा बढ़ने लगी, तो ऋषभ अग्रवाल ने खुद इस पोस्ट पर जवाब दिया। उन्होंने लोगों के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया, लेकिन साथ ही एक अहम बात भी साफ कर दी

अपडेटेड Jul 09, 2026 पर 6:55 PM
IIT बॉम्बे के AI रिसर्चर ने ठुकराया करोड़ों का ऑफर, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में बड़ी टेक कंपनियां टैलेंट को अपने साथ जोड़ने के लिए करोड़ों रुपये के पैकेज दे रही हैं। लेकिन कुछ लोग अच्छी खासी सैलरी छोड़कर अपना सपना पूरा करने का रास्ता चुनते हैं। ऐसा ही एक मामला आईआईटी बॉम्बे से पढ़े AI रिसर्चर ऋषभ अग्रवाल का सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने मेटा की सुपरइंटेलिजेंस लैब्स से मिले 10 लाख डॉलर (करीब 9.5 करोड़ रुपये) के नौकरी के ऑफर को ठुकरा दिया।

पोस्ट के मुताबिक, ऋषभ ने यह बड़ा ऑफर इसलिए स्वीकार नहीं किया क्योंकि वह अपना खुद का AI स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। यह खबर तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गई और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। हालांकि, बाद में खुद ऋषभ अग्रवाल ने इस दावे पर सफाई दी। उनके बयान के बाद इस पूरी कहानी ने नया मोड़ ले लिया और कई लोग हैरान रह गए।

IIT बॉम्बे के AI रिसर्चर ने ठुकराया करोड़ों का ऑफर


यह पूरा मामला तब चर्चा में आया, जब X पर एक यूज़र विकास ऑलवेज ने ऋषभ अग्रवाल को लेकर एक पोस्ट शेयर की। पोस्ट में उनके आईआईटी बॉम्बे से लेकर दुनिया की बड़ी AI कंपनियों तक के सफर का जिक्र किया गया। पोस्ट में दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल ने जेईई परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 33 हासिल की थी और इसके बाद आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। आगे चलकर उन्होंने गूगल ब्रेन, डीपमाइंड और वेमो जैसी दुनिया की प्रमुख AI कंपनियों में काम किया।

पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि मेटा के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने उन्हें करीब 10 लाख डॉलर (लगभग 9.5 करोड़ रुपये) का नौकरी का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार करने के बजाय ठुकरा दिया। यही दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

AI की दुनिया में बड़ी पहचान, अब बना रहे हैं अपना स्टार्टअप

वायरल पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल AI की दुनिया का एक बड़ा नाम हैं। पोस्ट के अनुसार, वह इस समय पीरियॉडिक लैब्स (Periodic Labs) नाम की नई पीढ़ी की AI कंपनी तैयार कर रहे हैं। पोस्ट में लिखा गया कि भले ही आम लोग उन्हें ज्यादा न जानते हों, लेकिन AI क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान है। इसकी वजह यह बताई गई कि उन्होंने दुनिया की कई प्रमुख AI कंपनियों और रिसर्च लैब्स में काम किया है। इनमें गूगल ब्रेन, डीपमाइंड, वेमो और मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स जैसी संस्थाएं शामिल हैं।

करोड़ों का ऑफर छोड़कर अपने स्टार्टअप से जुड़े

वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल ने मेटा में करीब पांच महीने काम करने के बाद मिले करीब 9.5 करोड़ रुपये सालाना के नौकरी के ऑफर को ठुकरा दिया। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पीरियॉडिक लैब्स (Periodic Labs) में सह-संस्थापक (को-फाउंडर) के रूप में जुड़ गए। पोस्ट के अनुसार, पीरियॉडिक लैब्स अगली पीढ़ी की AI तकनीक पर काम कर रही है। इस स्टार्टअप को एनवीडिया (NVIDIA) और जेफ बेजोस का समर्थन भी मिला हुआ है।

बताया गया है कि कंपनी ऐसा AI वैज्ञानिक (AI Scientist) तैयार कर रही है, जो नई सामग्री, नई दवाओं और यहां तक कि भौतिक विज्ञान से जुड़ी नई खोजों के लिए वास्तविक दुनिया के प्रयोगों के आधार पर नए विचार और परिकल्पनाएं तैयार करने में मदद कर सके।

वायरल पोस्ट पर खुद ऋषभ अग्रवाल ने दी सफाई

यह पोस्ट देखते ही देखते X पर तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों ने करोड़ों रुपये की नौकरी छोड़कर अपना स्टार्टअप शुरू करने के फैसले के लिए ऋषभ अग्रवाल की जमकर तारीफ की। जब यह चर्चा बढ़ने लगी, तो ऋषभ अग्रवाल ने खुद इस पोस्ट पर जवाब दिया। उन्होंने लोगों के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया, लेकिन साथ ही एक अहम बात भी साफ कर दी। उन्होंने कहा कि मेटा की ओर से मिला ऑफर 10 लाख डॉलर (करीब 9.5 करोड़ रुपये) से भी कहीं बड़ा था। हालांकि, ऋषभ ने ऑफर की वास्तविक रकम का खुलासा नहीं किया। लेकिन उनके बयान से इतना जरूर साफ हो गया कि वायरल पोस्ट में बताई गई राशि से कहीं ज्यादा बड़ा पैकेज उन्हें दिया गया था।

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