IT Rules 2025: MeitY का बड़ा कदम, अब सिर्फ सीनियर ऑफिसर ही हटा सकेंगे डीपफेक ऑनलाइन कंटेंट

IT Rules 2025: देश में डिजिटल नियमों को और मजबूत करने के लिए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 22 अक्टूबर, 2025 को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 में संशोधन पेश किए।

अपडेटेड Oct 23, 2025 पर 12:48 PM
MeitY का बड़ा कदम, अब सिर्फ सीनियर ऑफिसर ही हटा सकेंगे डीपफेक ऑनलाइन कंटेंट

IT Rules 2025: देश में डिजिटल नियमों को और मजबूत करने के लिए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 22 अक्टूबर, 2025 को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 में संशोधन पेश किए। जिससे मध्यस्थों द्वारा गैरकानूनी ऑनलाइन कंटेंट को हटाने के लिए ढांचा और भी सख्त हो गया। ये नया संशोधन आईटी नियम (संशोधन), 2025 का हिस्सा है, और ये 1 नवंबर, 2025 से लागू होंगे। अब आइए उन अपडेट्स की लिस्ट पर एक नजर डालते हैं जो चीजों को बदलने वाली हैं।

भारत में आईटी नियम संशोधन

अब केवल संयुक्त सचिव/डीआईजी रैंक के अधिकारी ही टेकडाउन निर्देश जारी कर सकते हैं।


अब से, केवल वरिष्ठ अधिकारी - मंत्रालयों में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) और पुलिस में DIG रैंक के अधिकारी ही टेकडाउन जारी कर सकेंगे, जबकि पिछली व्यवस्था में एक इंस्पेक्टर भी ऐसा कर सकता था। भारत के आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये बदलाव गैरकानूनी कंटेंट से संबंधित मामलों में उच्च स्तरीय प्राधिकरण निगरानी सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे हैं।

तर्कसहित सूचना (Reasoned Intimation)

अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को बताया कि, 'परिवर्तन के साथ सरकार की जवाबदेही बढ़ती है, और जब भी कोई आदेश पारित होगा, हम एक तर्कसंगत सूचना देंगे और यह आदेश Joint Secretary या उससे ऊपर और DIG स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ही पास किया जाएगा।”

ड्राफ्ट संशोधन और कड़ी जांच

MeitY ने आईटी नियमों में संशोधन का मसौदा (ड्राफ्ट) भी प्रस्तावित किया है जिसमें लेबलिंग अनिवार्य है, जिससे यूजर्स को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कौन सा कंटेंट ओरिजिनल है और कौन सा सिंथेटिक।

इसके अलावा, मसौदा में सोशल मीडिया इंटरमीडियरी (SMIs) और सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया इंटरमीडियरी (SSMIs) के लिए ड्यू डिलिजेंस (due diligence) को और कड़ा करने पर भी जोर दिया गया है, साथ ही उन प्लेटफॉर्म्स पर भी ध्यान दिया गया है जो सिंथेटिक कंटेंट बनाने और बदलने की अनुमति देते हैं।

अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'संसद के साथ-साथ कई अन्य मंचों पर लोगों ने मांग की है कि समाज में आ रहे डीपफेक के बारे में कुछ किया जाना चाहिए - लोग किसी प्रमुख व्यक्ति की छवि का उपयोग कर रहे हैं - और डीपफेक बना रहे हैं जो उनके निजी जीवन, उनकी गोपनीयता के साथ-साथ समाज में विभिन्न गलत धारणाओं को प्रभावित कर रहे हैं।'

अंत में, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी नियमों में संशोधन के मसौदे पर 6 नवंबर, 2025 तक प्रतिक्रिया और सुझाव मांगी हैं। MeitY सचिव एस कृष्णन के अनुसार, ये संशोधन AI फ्रेमवर्क का भी हिस्सा होंगे, जिसे MeitY जल्द ही जारी करने वाला है।

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