AC Tips: मानसून में AC को 18°C पर चलाना छोड़ें! ये सेटिंग कमरे की उमस और चिपचिपाहट से दिलाएगी राहत

AC Tips: मानसून में तापमान कम होने के बावजूद बढ़ी हुई नमी घर में उमस और चिपचिपाहट बढ़ा देती है। ऐसे में एसी चलने के बाद भी कमरा आरामदायक महसूस नहीं होता। कई बार बदबू, पानी टपकने और कम कूलिंग जैसी दिक्कतें भी सामने आती हैं। कुछ आसान सेटिंग और रखरखाव से इन परेशानियों से बचा जा सकता है

अपडेटेड Aug 20, 2026 पर 1:34 PM
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इन छोटी-छोटी सावधानियों से मानसून में एसी बेहतर तरीके से काम कर सकता है

बारिश के मौसम में तापमान भले ही गर्मियों की तुलना में कम हो जाए, लेकिन हवा में नमी बढ़ने से कमरे में चिपचिपाहट और घुटन महसूस हो सकती है। ऐसे में एयर कंडीशनर राहत तो देता है, लेकिन गलत इस्तेमाल या रखरखाव की कमी से ठंडक कम होना, बदबू आना और पानी टपकने जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। मानसून में AC को बेहतर तरीके से चलाने के लिए कुछ आसान बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

मानसून में गर्मी से ज्यादा उमस करती है परेशान

बारिश के दिनों में हवा में नमी काफी बढ़ जाती है। शरीर से निकलने वाला पसीना आसानी से सूख नहीं पाता, इसलिए सामान्य तापमान में भी ज्यादा गर्मी महसूस होती है। एसी कमरे की हवा को ठंडा करने के साथ उसकी कुछ नमी भी बाहर निकालता है। इसलिए मानसून में एसी का काम केवल तापमान कम करना नहीं, बल्कि कमरे की नमी को संतुलित रखना भी है।


एसी में ‘ड्राई मोड’ है तो करें इस्तेमाल

अगर आपके एसी में ड्राई मोड दिया गया है, तो बारिश के मौसम में यह काफी उपयोगी हो सकता है। इसका मुख्य काम हवा से अतिरिक्त नमी कम करना होता है। जब कमरा बहुत गर्म न हो, लेकिन चिपचिपा या नम महसूस हो रहा हो, तब ड्राई मोड इस्तेमाल किया जा सकता है। बारिश के बाद जब उमस बढ़ जाती है, उस समय भी यह मददगार हो सकता है। हालांकि, अगर कमरा वास्तव में गर्म है तो सामान्य ठंडा करने वाला मोड ज्यादा बेहतर रहेगा।

एसी को 18 डिग्री पर चलाना जरूरी नहीं

मानसून में एसी को 18 या 20 डिग्री पर रखने की जरूरत नहीं होती। आमतौर पर 24 से 26 डिग्री के आसपास तापमान आरामदायक रह सकता है। बहुत कम तापमान सेट करने से कमरा तुरंत ठंडा नहीं होता। एसी को लंबे समय तक काम करना पड़ सकता है, जिससे बिजली की खपत बढ़ सकती है।इसलिए बारिश के मौसम में बहुत ज्यादा ठंड के बजाय आरामदायक तापमान और कम नमी पर ध्यान देना बेहतर है।

गंदा फिल्टर भी हो सकता है परेशानी की वजह

अगर एसी पहले की तरह ठंडा नहीं कर रहा है, तो सबसे पहले उसका फिल्टर जरूर जांचें। लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान फिल्टर में धूल, बाल और दूसरे कण जमा हो जाते हैं। गंदे फिल्टर से हवा का प्रवाह कम हो जाता है और एसी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। नमी के मौसम में गंदा फिल्टर दुर्गंध का कारण भी बन सकता है। अगर फिल्टर साफ किया जा सकता है, तो उसे कंपनी के निर्देश के अनुसार धोकर अच्छी तरह सुखाएं। गीला फिल्टर एसी में दोबारा न लगाएं।

एसी से बदबू आए तो नजरअंदाज न करें

बारिश के मौसम में एसी से सीलन या बासी गंध आना आम समस्या हो सकती है। इसे केवल कमरे में खुशबू छिड़ककर दबाना सही तरीका नहीं है। इसके पीछे गंदा फिल्टर, एसी की अंदरूनी कॉइल पर जमा नमी, गंदा पानी जमा करने वाला हिस्सा या पानी निकासी की पाइप में रुकावट जैसी वजहें हो सकती हैं। पहले फिल्टर साफ करें। अगर इसके बाद भी बदबू बनी रहती है, तो एसी की अंदरूनी सफाई के लिए विशेषज्ञ की मदद लेना बेहतर है।

‘स्वयं सफाई’ वाला विकल्प हो तो करें इस्तेमाल

कई आधुनिक एसी में स्वयं सफाई या कॉइल सुखाने जैसी सुविधा मिलती है। इसका काम एसी बंद होने के बाद अंदर बची नमी को कम करना होता है। अगर आपके एसी में यह सुविधा मौजूद है, तो कंपनी के निर्देशों के अनुसार इसका इस्तेमाल करें। इससे अंदर लंबे समय तक नमी रहने की समस्या कम हो सकती है। एसी के अंदर खुद से इत्र, कीटाणुनाशक या कोई घरेलू रसायन छिड़कने से बचें।

एसी से पानी टपक रहा है तो तुरंत ध्यान दें

एसी में पानी बनना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन यह पानी सही निकासी व्यवस्था के जरिए बाहर जाना चाहिए। अगर अंदर की मशीन से पानी कमरे में टपक रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। इसके पीछे पानी निकासी की पाइप बंद होना, पानी जमा होने वाली ट्रे में गंदगी, पाइप की गलत स्थिति, कॉइल पर बर्फ जमना या हवा के प्रवाह में रुकावट जैसी वजहें हो सकती हैं। ज्यादा पानी टपक रहा हो तो एसी बंद करके विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है।

बाहर लगी मशीन को भी रखें साफ

स्प्लिट एसी की बाहरी मशीन बारिश सहने के लिए बनाई जाती है, लेकिन उसके आसपास पत्तियां, प्लास्टिक, मिट्टी या कचरा जमा होने से हवा का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इसलिए समय-समय पर बाहर से देखकर आसपास जमा कचरा हटा दें। ध्यान रखें कि एसी चलते समय बाहरी मशीन को प्लास्टिक से ढकना सही नहीं है। उसे गर्म हवा बाहर निकालने के लिए पर्याप्त हवा की जरूरत होती है।

एसी चलाते समय दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें

मानसून में बाहर की हवा में नमी अधिक होती है। अगर एसी चलाते समय खिड़की या दरवाजा खुला रहेगा, तो नम हवा लगातार कमरे में आती रहेगी। इससे एसी को कमरे को ठंडा करने के साथ अतिरिक्त नमी भी हटानी पड़ेगी। इसलिए एसी चलाते समय दरवाजे और खिड़कियां बंद रखना बेहतर है। अगर कमरे में हवा का आदान-प्रदान जरूरी हो, तो एसी बंद करके उचित समय पर कमरे में ताजी हवा आने दें।

एसी वाले कमरे में गीले कपड़े न सुखाएं

बारिश में कपड़े सुखाने की समस्या आम है। लेकिन कई गीले कपड़े बंद कमरे में सुखाने से उनकी नमी हवा में चली जाती है। इससे कमरे की उमस बढ़ सकती है और एसी को अतिरिक्त नमी हटाने के लिए ज्यादा काम करना पड़ सकता है। जहां संभव हो, कपड़े हवादार जगह पर सुखाएं और छोटे बंद कमरे में लगातार गीले कपड़े रखने से बचें।

ज्यादा नमी हो तो नमी कम करने वाली मशीन मददगार

अगर एसी चलने के बाद भी कमरे में लगातार नमी बनी रहती है, तो अलग से नमी कम करने वाली मशीन का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह उन कमरों में ज्यादा उपयोगी हो सकती है जहां हवा का आवागमन कम है या नमी की समस्या बार-बार होती है। हालांकि, अगर नमी दीवार, छत, खिड़की या पाइप से आने वाले पानी के कारण है, तो केवल यह मशीन समस्या खत्म नहीं करेगी। असली कारण को ठीक करना जरूरी होगा।

बारिश से पहले एसी की सफाई करा लें

अगर एसी लंबे समय से साफ नहीं हुआ है, तो मानसून से पहले उसकी जांच और सफाई करा लेना अच्छा रहता है। फिल्टर, अंदर की कॉइल, पंखे और पानी निकासी व्यवस्था की स्थिति देखी जा सकती है। एसी कितनी बार साफ होना चाहिए, यह उसके इस्तेमाल, घर में धूल और निर्माता की सलाह पर निर्भर करता है।

एसी ठंडा न करे तो पहले ये चीजें देखें

अगर एसी चल रहा है लेकिन कमरा ठंडा नहीं हो रहा, तो सबसे पहले जांचें कि वह सही मोड पर चल रहा है या नहीं। इसके बाद फिल्टर साफ है या नहीं, दरवाजे-खिड़कियां बंद हैं या नहीं और बाहरी मशीन के आसपास कोई रुकावट तो नहीं है, यह देखें। अगर फिर भी समस्या बनी रहे, तो विशेषज्ञ से जांच कराएं। हर बार कम ठंडक का मतलब एसी की गैस कम होना नहीं होता। गंदा फिल्टर, खराब पंखा, सेंसर, कॉइल या दूसरी तकनीकी खराबी भी वजह हो सकती है।

बारिश में एसी चलाना सुरक्षित है?

सिर्फ बारिश होने की वजह से एसी बंद करने की जरूरत नहीं है। सही तरीके से लगाया गया स्प्लिट एसी सामान्य बारिश के दौरान चलाया जा सकता है। लेकिन जलने की गंध, चिंगारी, बार-बार बिजली गिरना या बंद होना, अंदर पानी का तेज रिसाव या बिजली से जुड़ी कोई समस्या दिखाई दे तो एसी तुरंत बंद करें और विशेषज्ञ से जांच कराएं।

पंखे के साथ एसी चलाना भी हो सकता है फायदेमंद

एसी के साथ पंखा चलाने से ठंडी हवा पूरे कमरे में बेहतर तरीके से फैल सकती है। पंखे को बहुत तेज चलाने की जरूरत नहीं है। सामान्य गति पर भी हवा का प्रवाह बेहतर हो सकता है।

मानसून में AC के लिए याद रखें

फिल्टर साफ रखें, जरूरत पड़ने पर ड्राई मोड इस्तेमाल करें, तापमान 24-26 डिग्री के आसपास रखें, दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें और पानी टपकने या लगातार बदबू आने जैसी समस्या को नजरअंदाज न करें।

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