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iPhone 18 Pro के नए लीक आए सामने, मिलेंगे अलग-अलग क्षमता वाले दो बैटरी वेरिएंट

iPhone 18 Pro: एक नए लीक के अनुसार, Apple मार्केट के हिसाब से iPhone 18 Pro को अलग-अलग बैटरी क्षमता के साथ लॉन्च कर सकता है। जानकारी के मुताबिक, जिन देशों में अभी भी फिजिकल सिम कार्ड का इस्तेमाल होता है।

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Jun 02, 2026 पर 2:14 PM
iPhone 18 Pro के नए लीक आए सामने, मिलेंगे अलग-अलग क्षमता वाले दो बैटरी वेरिएंट
iPhone 18 Pro के नए लीक आए सामने, मिलेंगे अलग-अलग क्षमता वाले दो बैटरी वेरिएंट

iPhone 18 Pro: एक नए लीक के अनुसार, Apple मार्केट के हिसाब से iPhone 18 Pro को अलग-अलग बैटरी क्षमता के साथ लॉन्च कर सकता है। जानकारी के मुताबिक, जिन देशों में अभी भी फिजिकल सिम कार्ड का इस्तेमाल होता है, वहां बेचे जाने वाले मॉडलों में eSIM वाले वर्जनों की तुलना में छोटी बैटरी हो सकती है। लीक में कई हार्डवेयर अपग्रेड का भी जिक्र है, जिनमें Apple का 2nm प्रोसेस पर बना A20 Pro चिप और एक नया वेरिएबल-अपर्चर कैमरा शामिल है। इन बदलावों से प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ सकती है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या Apple कीमत में बदलाव करेगा या कुछ अतिरिक्त खर्च खुद उठाएगा।

कुछ बाजारों में Apple के iPhone 18 Pro में बड़ी बैटरी हो सकती है

यह नई जानकारी डिजिटल चैट स्टेशन (चीनी भाषा से अनुवादित) के Wiebo पोस्ट से मिली है, जिसकी बाद में Ice Universe (@UniverseIce) नाम के एक अन्य लीकर ने भी पुष्टी की है। लीक के अनुसार, Apple वर्तमान में iPhone 18 Pro के लिए दो बैटरी कॉन्फिगरेशन का टेस्ट कर रहा है। जिन बाजारों में अभी भी फिजिकल सिम कार्ड का इस्तेमाल होता है, उनके लिए डिजाइन किए गए वर्जन में लगभग 4,056mAh की बैटरी होने की संभावना है, जबकि केवल eSIM वाले मॉडल में 4,288mAh की बड़ी बैटरी हो सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार यह बैटरी का फर्क तब और ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है जब Apple अपनी eSIM-only रणनीति को और अधिक देशों में बढ़ाएगा। पहले की रिपोर्टों में सुझाव दिया गया था कि iPhone 18 सीरीज के साथ कुछ यूरोपीय मार्केट eSIM-only iPhone मॉडल पर स्विच कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो उन देशों के खरीदारों को बड़ी बैटरी वाला वेरिएंट मिल सकता है। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि Apple धीरे-धीरे अपने सभी स्मार्टफोन में फिजिकल SIM सपोर्ट को बंद कर सकता है। ऐसा होने पर अलग-अलग देशों में बैटरी साइज का फर्क भी खत्म हो जाएगा।

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