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सैम ऑल्टमैन की चेतावनी, AI पर बच्चों का बढ़ता भरोसा खतरनाक

OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने कहा है कि अगर बच्चे ChatGPT पर ज्यादा भरोसा करने लगें, तो यह उनके लिए खतरनाक हो सकता है। उन्होंने बताया कि कई बच्चे इस चैटबॉट को अपना दोस्त और गाइड मानने लगे हैं। इससे बच्चे खुद सोचना-समझना कम कर सकते हैं।

Edited By: Ashwani Kumar Srivastava
अपडेटेड Jul 26, 2025 पर 20:53
सैम ऑल्टमैन की चेतावनी, AI पर बच्चों का बढ़ता भरोसा खतरनाक

यह मुझे जानता है, मैं वही करूंगा जो यह कहेगा
ऑल्टमैन ने बताया कि कई बच्चे कहते हैं “यह मुझे और मेरे दोस्तों को जानता है, तो जो यह कहेगा, मैं वही करूंगा।” उनका मानना है कि AI पर इस तरह भरोसा करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि बच्चे खुद फैसले लेने की आदत खो देंगे।

रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े
2025 में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के 72% बच्चों ने AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल किया है। उनमें से 50% ने कहा कि वे इसकी सलाह पर कुछ हद तक भरोसा करते हैं। वहीं, 23% बच्चों ने कहा कि वे AI पर पूरी तरह भरोसा करते हैं, खासतौर पर छोटे बच्चे।

किस तरह असर डालता है AI का ज्यादा इस्तेमाल
Psychologist का कहना है कि बच्चे सभी सवाल का जवाब ChatGPT से मांगते हैं। जब AI न हो तो वे सोच नहीं पाते। इससे उनकी सोचने की ताकत, स्किल्स और दोस्तों से बातचीत करने की आदत कम हो जाती है।

AI को बैन नहीं करना चाहते ऑल्टमैन
ऑल्टमैन ने साफ किया कि वे AI के खिलाफ नहीं हैं, बस चाहते हैं कि बच्चे खुद भी सोचें। उन्होंने कहा, यह चैटबॉट इतना आसान है कि लोग इसे सुविधा समझते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह हमारी सोचने की क्षमता कम कर सकता है।

AI को सही तरीके से इस्तेमाल कैसे करें?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI की सलाह को हमेशा किताबों या बड़ों से चेक करवा लेना चाहिए। इसका इस्तेमाल बहुत लंबे समय तक न करें। AI से सीधे आदेश लेने की बजाय उससे समझाने को कहें। ये तरीके मदद करते हैं कि हम अपनी सोचने की क्षमता बनाए रखें और AI का इस्तेमाल सिर्फ एक मददगार टूल की तरह करें।

AI को मदद के तौर पर इस्तेमाल करें
ऑल्टमैन ने कहा, AI हमारी मदद कर सकता है, लेकिन हमें अपने दिमाग से सोचने, बात करने और बड़ों से सलाह लेने की आदत नहीं छोड़नी चाहिए। खासकर बच्चों के लिए यह बहुत जरूरी है।

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