Split AC या Window AC? खरीदने से पहले जान लें कौन है आपके कमरे के लिए बेस्ट
स्प्लिट एसी लगाने के लिए तकनीशियन को दीवार में छेद करना पड़ता है और कमरे के अंदर लगे यूनिट को बाहर रखे कंप्रेसर से कॉपर पाइप के जरिए जोड़ना पड़ता है। दोनों यूनिट अलग-अलग जगह पर लगाए जाते हैं, इसलिए इसकी फिटिंग में अधिक समय लगता है और शुरुआती खर्च भी ज्यादा आता है। हालांकि, इसका फायदा यह है कि आपकी खिड़की पूरी तरह खुली रहती है
MoneyControl News
अपडेटेड Jun 14, 2026 पर 4:51 PM
अक्सर लोग एसी का चुनाव सिर्फ उसके डिजाइन या दूसरों की सलाह के आधार पर कर लेते हैं।
गर्मी के मौसम में जब आप किसी इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान पर एसी खरीदने जाते हैं, तो आमतौर पर आपको दो तरह के एसी दिखाई देते हैं—दीवार पर लगाए जाने वाले स्प्लिट एसी और खिड़की में फिट होने वाले विंडो एसी। अक्सर लोग एसी का चुनाव सिर्फ उसके डिजाइन या दूसरों की सलाह के आधार पर कर लेते हैं। हालांकि, सही एसी चुनने का फैसला सिर्फ उसके लुक पर नहीं होना चाहिए। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका कमरा कितना बड़ा है, उसकी बनावट कैसी है और आप उस जगह का इस्तेमाल किस तरह करते हैं। इसलिए एसी खरीदने से पहले अपनी जरूरत और कमरे की स्थिति को समझना बेहद जरूरी है, ताकि आपको बेहतर कूलिंग और सही कीमत में सही विकल्प मिल सके।
कैसे चुने सही एसी
एसी चुनने में कमरे का आकार सबसे अहम होता है। सही एसी चुनने का सबसे आसान तरीका है अपने कमरे के आकार को ध्यान में रखना। आमतौर पर स्प्लिट एसी बड़े कमरों के लिए बेहतर माना जाता है। यदि कमरे का क्षेत्रफल 150 वर्ग फुट से अधिक है, तो स्प्लिट एसी ज्यादा प्रभावी कूलिंग देता है। स्प्लिट एसी में कमरे के अंदर लगा यूनिट ठंडी हवा फैलाता है, जबकि इसका कंप्रेसर बाहर लगाया जाता है। इससे बड़े कमरे को लंबे समय तक आसानी से ठंडा रखा जा सकता है और मशीन पर भी ज्यादा दबाव नहीं पड़ता।
वहीं, 150 वर्ग फुट से छोटे कमरों के लिए विंडो एसी एक अच्छा विकल्प है। इसमें सभी जरूरी हिस्से एक ही यूनिट में लगे होते हैं, जिसे खिड़की या दीवार में बनी जगह पर फिट किया जाता है। छोटे बेडरूम, स्टडी रूम या छोटे ऑफिस के लिए विंडो एसी पर्याप्त कूलिंग देता है और इसे लगाने में भी ज्यादा परेशानी नहीं होती।
इंस्टॉलेशन और खर्च में भी है बड़ा अंतर
स्प्लिट एसी लगाने के लिए तकनीशियन को दीवार में छेद करना पड़ता है और कमरे के अंदर लगे यूनिट को बाहर रखे कंप्रेसर से कॉपर पाइप के जरिए जोड़ना पड़ता है। दोनों यूनिट अलग-अलग जगह पर लगाए जाते हैं, इसलिए इसकी फिटिंग में अधिक समय लगता है और शुरुआती खर्च भी ज्यादा आता है। हालांकि, इसका फायदा यह है कि आपकी खिड़की पूरी तरह खुली रहती है। इससे कमरे में प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा का आना-जाना बना रहता है, जो कई लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है।
वहीं, विंडो एसी को लगाना अपेक्षाकृत आसान और कम खर्चीला होता है। इसे कम समय में फिट किया जा सकता है और इसके लिए ज्यादा बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन इसकी एक कमी यह है कि यह खिड़की की काफी जगह घेर लेता है। ऐसे में एसी लगे रहने तक कमरे में बाहर की हवा और प्राकृतिक रोशनी का आना कुछ हद तक प्रभावित हो सकता है।
स्प्लिट एसी क्यों है बेहतर
एसी खरीदते समय लोग अक्सर कूलिंग और कीमत पर ध्यान देते हैं, लेकिन शोर भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। इसकी अहमियत तब ज्यादा महसूस होती है, जब आप सो रहे हों, पढ़ाई कर रहे हों या शांत माहौल में काम कर रहे हों। स्प्लिट एसी में कंप्रेसर कमरे के बाहर लगाया जाता है, इसलिए इसके चलने पर कमरे के अंदर बहुत कम आवाज़ सुनाई देती है। आमतौर पर इसका शोर स्तर 35 से 45 डेसिबल के बीच रहता है, जिससे कमरा काफी शांत बना रहता है।
वहीं, विंडो एसी में कंप्रेसर और बाकी सभी हिस्से एक ही यूनिट में होते हैं, जो खिड़की या दीवार में लगा रहता है। इसी वजह से इसके चलने पर आवाज़ अपेक्षाकृत ज्यादा आती है। इसका शोर स्तर लगभग 50 से 60 डेसिबल तक पहुंच सकता है। अगर एसी का इस्तेमाल लंबे समय तक करना है और आप शांत वातावरण पसंद करते हैं, तो स्प्लिट एसी आपके लिए ज्यादा आरामदायक विकल्प साबित हो सकता है।
बिजली की खपत और रखरखाव में भी अंतर
आजकल आने वाले इनवर्टर स्प्लिट एसी जरूरत के अनुसार अपने कंप्रेसर की गति को कम या ज्यादा कर सकते हैं। इससे बिजली की खपत नियंत्रित रहती है और लंबे समय में बिजली का बिल भी कम आता है। वहीं, सामान्य विंडो एसी एक तय क्षमता पर काम करते हैं। कमरे को कम या ज्यादा ठंडक की जरूरत हो, ये लगभग एक जैसी बिजली खर्च करते रहते हैं। इसी वजह से इनकी बिजली खपत अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है।
रखरखाव की बात करें तो विंडो एसी की सफाई और सामान्य देखभाल आसान होती है। इसके फिल्टर को घर पर ही निकालकर साफ किया जा सकता है। दूसरी ओर, स्प्लिट एसी में अंदर और बाहर दोनों यूनिट की समय-समय पर सर्विसिंग करानी पड़ती है, जिसके लिए आमतौर पर तकनीशियन की जरूरत होती है। इसलिए एसी खरीदते समय केवल यह नहीं देखना चाहिए कि कौन-सा मॉडल ज्यादा आकर्षक दिखता है। सही विकल्प वही होगा, जो आपके कमरे के आकार, घर की बनावट और रोजाना उपयोग की जरूरतों के हिसाब से सबसे बेहतर साबित हो।