WhatsApp Security Features: ऑनलाइन ठगी से बचाएगा WhatsApp! जानें ये 5 बड़े सेफ्टी फीचर्स
WhatsApp Security Features: ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और अब ठग लोगों को फंसाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। फर्जी पहचान, जरूरी होने का दबाव बनाने वाले मैसेज और संदिग्ध कॉल का इस्तेमाल कर उनसे निजी और जरूरी जानकारी हासिल की जाती है।
ऑनलाइन ठगी से बचाएगा WhatsApp! जानें ये 5 बड़े सेफ्टी फीचर्स
WhatsApp Security Features: ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और अब ठग लोगों को फंसाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। फर्जी पहचान, जरूरी होने का दबाव बनाने वाले मैसेज, संदिग्ध कॉल और सोशल इंजीनियरिंग की चालों का इस्तेमाल कर उनसे निजी और जरूरी जानकारी हासिल की जाती है।
अक्सर ये ठगी मैसेजिंग ऐप्स के जरिए शुरू होती है, जहां ठग खुद को बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, डिलीवरी एजेंट या किसी कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों को धोखा देने की कोशिश करते हैं।
WhatsApp ने ऐसे कई सुरक्षा फीचर्स के बारे में जानकारी दी है, जो यूजर्स को संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने, अकाउंट को ज्यादा सुरक्षित बनाने और ऑनलाइन ठगी से बचने में मदद करते हैं। इन फीचर्स का मकसद लोगों को फाइनेंशियल फ्रॉड, अकाउंट हैक होने और बिना अनुमति के अकाउंट एक्सेस जैसी समस्याओं से बचाना है।
अनजान कॉल करने वालों को साइलेंट करना
WhatsApp का “Silence Unknown Callers” फीचर एक आसान सुरक्षा सुविधा है। इसे ऑन करने पर, जो नंबर आपके कॉन्टैक्ट्स में सेव नहीं हैं, उनकी कॉल अपने आप साइलेंट हो जाती है। इससे Spam Call और उन ठगों की कॉल से बचाव होता है जो खुद को कस्टमर सपोर्ट, सरकारी अधिकारी या बैंक कर्मचारी बताकर लोगों को धोखा देने की कोशिश करते हैं।
हालांकि कॉल साइलेंट हो जाती है, फिर भी यूजर्स बाद में उन्हें कॉल्स टैब और नोटिफिकेशन सेक्शन में देख सकते हैं।
चैट और ग्रुप में Context cards
WhatsApp में “Context Cards” एक सुरक्षा फीचर है, जो चैट और ग्रुप में आने वाले अनजान लोगों के बारे में अतिरिक्त जानकारी दिखाता है। इन कार्ड्स में यह जानकारी मिल सकती है कि आपके और सामने वाले व्यक्ति के बीच कोई कॉमन ग्रुप है या नहीं, वह नंबर किसी दूसरे देश का है या नहीं, या फिर उसका अकाउंट हाल ही में बना है या नहीं।
ठग अक्सर लोगों को जल्दी और डराकर जवाब देने के लिए मजबूर करते हैं, ताकि वे बिना सोचे-समझे अपनी निजी या बैंक से जुड़ी जानकारी दे दें। ऐसे में ये “context” जानकारी यूजर्स को रुककर सोचने और यह जांचने में मदद करती है कि कहीं बातचीत संदिग्ध तो नहीं है।
स्क्रीन शेयर करने से जुड़ी सुरक्षा चेतावनी
स्क्रीन-शेयरिंग से जुड़े ऑनलाइन फ्रॉड बढ़ रहे हैं, खासकर जब ठग फर्जी कस्टमर सपोर्ट या बैंक अधिकारी बनकर कॉल करते हैं। ऐसे में जब आप किसी अनजान व्यक्ति के साथ वीडियो कॉल पर अपनी स्क्रीन शेयर करने की कोशिश करते हैं, तो WhatsApp आपको चेतावनी दिखाता है।
ठग अक्सर स्क्रीन शेयर करवाकर पासवर्ड, बैंक डिटेल, OTP या अकाउंट से जुड़ी जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं। यह चेतावनी आपको पहले ही सावधान कर देती है ताकि आप अपनी जरूरी जानकारी किसी के साथ गलती से भी शेयर न करें।
डिवाइस लिंकिंग अलर्ट
धोखेबाज अक्सर टेक्निकल सपोर्ट या अकाउंट वेरिफिकेशन जैसे झूठे दावों के जरिए यूजर्स को अपना WhatsApp अकाउंट किसी अन्य डिवाइस से लिंक करने के लिए मनाने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में WhatsApp आपको पहले ही सावधान कर देता है।
ऐप यह भी दिखा सकता है कि यह रिक्वेस्ट कहाँ से आई है, जिससे आप जांच कर सकें कि यह सही है या संदिग्ध, और फिर ही अनुमति दें।
टू-स्टेप वेरिफिकेशन
WhatsApp का “Two-Step Verification” फीचर एक अतिरिक्त सुरक्षा परत जोड़ता है। इसमें अकाउंट को वेरिफाई करने या रीसेट करने के लिए 6 अंकों का PIN डालना जरूरी होता है। यह फीचर यूजर्स को तब भी सुरक्षित रखता है, जब कोई ठग फिशिंग या सोशल इंजीनियरिंग के जरिए SMS वेरिफिकेशन कोड हासिल कर ले।
सुरक्षा विशेषज्ञ आमतौर पर सलाह देते हैं कि सभी मैसेजिंग और फाइनेंशियल अकाउंट्स में Two-Step Verification जरूर ऑन रखना चाहिए, ताकि बिना अनुमति के कोई भी आपके अकाउंट तक पहुंच न सके।