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सुपरफास्ट ट्रेन का नया दौर होगा शुरू तो बदल जाएगा अंदाज, अब मिनटों में तय होगा घंटों का सफर 1700 km की सुपरफास्ट उड़ान!

बुलेट ट्रेन कॉरिडोर दिल्ली से सिलीगुड़ी तक 1700 किलोमीटर भारत की रेल ट्रैवल की तस्वीर बदल सकता है। सोचिए, जिन शहरों तक पहुंचने में पूरा दिन लग जाता है, वहां कुछ ही घंटों में पहुंचना संभव हो सकता है। इस मेगा प्रोजेक्ट से तेज रफ्तार ट्रैवल के साथ बिज़नेस, टूरिस्म और एम्प्लॉयमेंट के नए अवसर भी खुलने की उम्मीद है। साथ ही अहमदाबाद, अमृतसर और जम्मू जैसे नए हाई-स्पीड कॉरिडोर फ्यूचर में देश को और बेहतर तरीके से जोड़ सकते हैं। अगर यह प्लानिंग पूरी तरह साकार होती है, तो भारत हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के नए दौर में एंट्री कर सकता है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 02, 2026 पर 4:29 PM
सुपरफास्ट ट्रेन का नया दौर होगा शुरू तो बदल जाएगा अंदाज, अब मिनटों में तय होगा घंटों का सफर 1700 km की सुपरफास्ट उड़ान!

भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए कई बड़े बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा रहा है। इनमें सबसे चर्चित प्रस्ताव दिल्ली से वाराणसी होते हुए सिलीगुड़ी तक लगभग 1700 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का है। यह प्रोजेक्ट देश के उत्तर और पूर्वोत्तर हिस्से को तेज रफ्तार रेल से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अगर यह पूरा होता है तो यात्रा का तरीका और समय दोनों पूरी तरह बदल सकते हैं।

1. देश की सबसे लंबी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्लान

भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को तेज करने के लिए सरकार कई बड़े बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जिनमें सबसे चर्चा वाला प्रोजेक्ट दिल्ली से वाराणसी होते हुए सिलीगुड़ी तक लगभग 1700 KM लंबा कॉरिडोर है। यह कॉरिडोर उत्तर भारत और पूर्वोत्तर को जोड़ने वाला एक मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इसका उद्देश्य यात्रा समय को बहुत कम करना और तेज, सेफ और मॉडर्न रेल सुविधा उपलब्ध कराना है।

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