उत्तर प्रदेश के बहराइच से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इस हादसे की भयावह तस्वीर सामने ला दी, जिसमें एक मगरमच्छ के हमले के बाद एक मासूम बच्चे की जान चली गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और डर का माहौल है। 12 साल के सुनील की मौत ने हर किसी को भावुक कर दिया, क्योंकि वह पहले ही अपने माता-पिता को खो चुका था और अपने छोटे भाई-बहन के लिए उम्मीद की किरण बना हुआ था।
ग्रामीणों के मुताबिक, नदी किनारे हुए इस हादसे में सुनील को बचाने के लिए उसके चाचा ने पूरी कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ के सामने उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। इस घटना ने नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मां-बाप का साया पहले ही उठ चुका था
सुनील की जिंदगी पहले से ही संघर्षों से भरी थी। कम उम्र में ही उसने माता-पिता को खो दिया था। वह अपने छोटे भाई और बहन के साथ चाचा के घर रहकर पढ़ाई करता था और घर के कामों में भी मदद करता था। सुनील का सपना था कि वह पढ़-लिखकर अपने भाई-बहन का सहारा बने, लेकिन एक दर्दनाक हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
नदी किनारे हुआ खौफनाक हादसा
घटना के बाद गांव का माहौल गम और डर से भर गया। जिस नदी किनारे सुनील पर हमला हुआ, वहां पहुंचकर ग्रामीण आज भी सहम जाते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यही वह जगह थी, जहां सुनील और मगरमच्छ के बीच जिंदगी की आखिरी लड़ाई हुई थी।
चाचा ने बचाने के लिए लगाई पूरी ताकत
बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे के बीच सुनील अपने चाचा के साथ खेत में धान की रोपाई में मदद कर रहा था। खेत नदी के बेहद करीब था। कुछ देर बाद जब सुनील नदी किनारे गया, तभी मगरमच्छ ने अचानक हमला कर दिया। आवाज सुनकर चाचा मौके पर पहुंचे और बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में कूद गए। उन्होंने सुनील का हाथ पकड़ लिया, जबकि मगरमच्छ उसे अपनी ओर खींच रहा था।
10-15 मिनट तक चली जिंदगी बचाने की जद्दोजहद
सुनील को बचाने के लिए चाचा और मगरमच्छ के बीच करीब 10 से 15 मिनट तक संघर्ष चलता रहा। इस दौरान सुनील की चचेरी बहन भी वहां पहुंच गई और उसने भी अपने पिता को पीछे खींचने की कोशिश की। लेकिन आखिरकार मगरमच्छ सुनील को पानी के अंदर खींचकर ले गया।
वन विभाग ने संभाली स्थिति, ग्रामीणों को चेतावनी
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से नदी के आसपास जाने से बचने की अपील की। सुनील के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
दो मासूमों के सिर से उठा आखिरी सहारा
सुनील की मौत ने पूरे गांव को दुख में डुबो दिया है। सबसे बड़ा सवाल अब उसके छोटे भाई और बहन के भविष्य को लेकर है, जिनके लिए सुनील ही सबसे बड़ा सहारा था। यह हादसा सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए कभी न भूल पाने वाला दर्द बन गया है।